11.9 C
London
Saturday, April 4, 2026
HomeUncategorizedढह रही अमेरिका की इकॉनमी, डूब रहे हैं बैंक, जानिए क्यों भारत...

ढह रही अमेरिका की इकॉनमी, डूब रहे हैं बैंक, जानिए क्यों भारत के लिए अच्छे संकेत?

Published on

नई दिल्ली

अमेरिकी बैंकिंग संकट ने वहां की इकोनॉमी को हिला कर रखा दिया। सिलिक़ॉन वाली बैंक पर ताला लग गया। सिग्नेचर बैंक, फर्स्ट रिपब्लिक बैंक भी दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गए। अमेरिका के 189 बैंकों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिका का बैंकिंग संकट भारत और एशियाई बाजार के लिए अच्छे संकेत दे रहा है। दरअसल अमेरिका में आए बैंकिंग संकट के बाद निवेशक अब भारतीय और एशियाई बाजार का रुख कर रहे हैं। अमेरिकी संकट के घबराए निवेशक एशियाई बाजार को बेहतर मान रहे हैं। उन्हें लग रहा है कि चीन और भारत जैसे बाजार संकट से निपटने में ज्यादा बेहतर और सक्षम हैं। एक तरफ अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी निवेशकों को डरा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ रहे बैंकिंग संकट से निवेशकों का भोह भंग हो रहा है।

भारत,एशियाई बाजार का रूख कर रहे निवेशक
अमेरिका में जारी बैंकिंग संकट के कारण निवेशक अब अपना पैसा वहां से निकाल रहे हैं। निवेशकों का भरोसा भारत और एशियाई बाजार पर बढ़ रहा है। निवेशकों को भरोसा है कि भारत जैसे बाजार इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए ज्यादा बेहतर हैं। ग्लोबल फाइनेंशियल कंडीशन के सिटीबैंक के एक एनालिसिस से पता चला है कि एशियाई बाजारों में अमेरिका के मुकाबले कम सख्ती है। वहीं ज्यादातर एशियाई करेंसी डॉलर के मुकाबले अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। एशियाई बाजार के शेयरों में तेजी देखने को मिल रही है। ग्लोबल क्राइसिस के बावजूद भारतीय बाजारों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। अगर आंकड़ों को देखें तो मार्च के चार हफ्तों में एशियाई बाजार में 5.5 अरब डॉलर का निवेश आया है। जबकि विकसित देशों से 8.6 अरब डॉलर का निवेश निकाला गया है। अमेरिकी बाजारों की हिस्सेदारी इसमें सबसे अधिक है।

भारतीय बाजार की स्थिति बेहतर
अमेरिका के मुकाबले भारतीय बाजार की स्थिति मजबूत है। अगर एशियाई बाजार की तुलना अमेरिका से करें तो अमेरिकन बैंकिंग इंडेक्ट 10 मार्च से लेकर अब तक 10 फीसदी तक गिर चुका है। वहीं जापान को छोड़कर बाकी एशियाई रीजन के फाइनेंशियल इंडेक्स में तेजी देखने को मिली है। निवेशकों को भरोसा एशियाई बाजारों पर बढ़ रहा है। इतना ही नहीं निवेशकों को एशियाई बाजार की नरम नीतियों का लाभ भी मिल रहा है। भारत समेत एशिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक अपनी नीतियों को नरम बना रहे हैं। भारत ही नहीं चीन ने भी अपनी मौद्रिक नीतियों को आकर्षित बनाया है, जिसके कारण निवेशकों का आकर्षण एशियाई बाजार की ओर बढ़ रहा है। अमेरिका और यूरोप के बाजारों में जारी संकट के कारण एशियाई बाजार निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

Latest articles

Amla Benefits: सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है आंवला, इसे खाने से मिलेंगे ढेरों फ़ायदे

Amla Benefits: आयुर्वेद के अनुसार आंवला (Amla) सेहत बेहद फायदेमंद होता है। आंवला शरीर...

केरलम में शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन और ड्राइवर को पीटा, एक आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। केरलम के मलप्पुरम जिले के वांडूर इलाके में शुक्रवार शाम कांग्रेस सांसद...

अजाक्स के प्रांतीय कार्यालय पर कब्जा करने का प्रयास, पुलिस में शिकायत

भोपाल। राजधानी स्थित अजाक्स के प्रांतीय कार्यालय में एक त्यक्ति ने 20 मार्च को...

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना से बदली वनांचल की सूरत, लुण्ड्रा के ग्रामीणों का पैदल सफर हुआ खत्म

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन की 'मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना' वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...