5.8 C
London
Wednesday, March 4, 2026
HomeUncategorizedएक चिड़िया को नौकरी देना चाहते हैं आनंद महिंद्रा, जानिए क्या है...

एक चिड़िया को नौकरी देना चाहते हैं आनंद महिंद्रा, जानिए क्या है इसकी खासियत

Published on

नई दिल्ली

महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। वह खासकर ट्विटर पर प्रेरणादायक और अनोखे वीडियो शेयर करते रहते हैं। यही वजह है कि इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके 95 लाख फॉलोअर्स हैं। इस बार वह एक चिड़िया को अपनी कंपनी में नौकरी देने की बात कह रहे हैं। यह चिड़िया अपने चूजों को सांप जैसे शिकारियों से बचाने के लिए अपने घोसले में नकली रास्ता बनाती है। शिकारी इसे ही असली रास्ता समझ लेते हैं और धोखा खा जाते हैं। इस चिड़िया की इसी अदा पर आनंद महिंद्रा फिदा हैं।

महिंद्रा ने ट्वीट किया, ‘नेचर सच में लाजवाब है। मुझे लगता है कि हमें इस चिड़िया को अपने कॉरपोरेट रिस्क और कॉरपोरेट स्ट्रैटजी डिपार्टमेंट्स में रिक्रूट करना चाहिए।’ आनंद महिंद्रा का इशारा ऐसे लोगों की भर्ती करने से है जो इस चिड़िया जैसी नीतियां बनाकर कंपनी को जोखिम से बचा सके। इस ट्वीट में उन्होंने इस चिड़िया की तस्वीर भी साझा की है। यह चिड़िया अफ्रीका के अंगोला, बोत्सवाना, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे में पाई जाती है। इसका नाम Cape Penduline Tit या southern penduline tit है।

क्या है इस चिड़िया की खासियत
यह पक्षी Remizidae फैमिली की है। इसका प्राकृतिक आवास ड्राई सवाना, सबट्रॉपिकल, ट्रॉपिकल ड्राई स्रबलैंड और भूमध्यसागर की तरह की वनस्पति है। इसका घोसला 15 सेंटीमीटर ऊंचा, नौ सेमी गहरा और इतना ही चौड़ा होता है। इसे बनाने में यह कॉटन वूल जैसी मुलायम सामग्री का इस्तेमाल करती है। यह दक्षिण अफ्रीका की सबसे छोटी पक्षियों में से एक है। लेकिन अपने अंडों और चूजों को शिकारियों से बचाने के लिए यह घोसला इस तरह बुनती है कि सांप जैसे शिकारियों को धोखा दे सके। इस घोसले को बनाने में इसे 20 से 35 दिन लगते हैं।

इस घोसले के एक तरफ ऐसा ढांचा बना होता है जो घोसले में जाने के रास्ते की तरह दिखता है लेकिन असल में यह दरवाजा नहीं होता है। अगर कोई शिकारी इसमें घुसता है तो उसे कुछ नहीं मिलता है और वह खुद को ठगा हुआ महसूस करता है। घोसले में घुसने का असली रास्ता इस ढांचे के ऊपर होता है। चिड़िया के घुसते ही असली रास्ता बंद हो जाता है। इसमें घुसने से पहले चिड़िया इसे अपने पैर की मदद से खोलती है। इसी तरह घोसले से निकलने पर चिड़िया इस रास्ते को बंद कर देती है।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निवास पर धूमधाम से मनाया गया होलिका दहन; सीएम ने की प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार मध्यरात्रि के पश्चात सिविल लाइन्स स्थित मुख्यमंत्री निवास पर...

कैमरे किराए पर लेकर युवक फरार, तीन लाख का सामान नहीं लौटाया

भोपाल राजधानी के कमला नगर इलाके में कैमरे किराए पर देने वाले युवक के साथ...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

होली से पहले भोपाल में प्रशासन सख्त: पुराने शहर के मावा भंडारों और डेयरियों पर ताबड़ तोड़ छापे

भोपाल होली के त्योहार से पहले राजधानी में खाद्य विभाग ने मिलावट के खिलाफ बड़ा...

More like this

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...

खेलो एमपी यूथ गेम्स आगाज, सीएम मोहन यादव ने बढ़ाया उत्साह

भोपाल ।राजधानी में खेलों का महाकुंभ सजीव हो उठा, जब तात्या टोपे स्टेडियम में...