नई दिल्ली
देश के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम उद्योगों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने बैंकों से कहा है कि एमएसएमई (MSME) को मिलने वाले किफायती कर्ज का विस्तार हो और उन्हें आसानी से यह कर्ज मिले। जिससे एमएसएमई एक लाख करोड़ डॉलर के वाणिज्यिक एक्सपोर्ट (Export) के टार्गेट तक पहुंच सकें। एमएसएमई एक्सपोर्टर्स के लिए निर्यात कर्ज की उपलब्धता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई एक बैठक में पीयूष गोयल ने यह बात कही। यह बैठक वाणिज्य विभाग ने एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी लिमिटेड (ECGC) के सहयोग से दिल्ली में बुलाई थी। इस बैठक में 21 बैंकों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए थे। इन बैंकों में एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।
बैठक में ईसीजीसी के सीएमडी एम सेंथिलनाथन ने एक्सपोर्ट क्रेडिट एंड एक्सपोर्ट क्रेडिट इंश्योरेंस फॉर बैंक्स (ECIB) पर एक प्रेजेंटेशन दी। ईसीजीसी ने अब एमएसएमई एक्सपोर्टर्स के एक बड़े वर्ग को पर्याप्त और किफायती कर्ज उपलब्ध कराने के लिए और संशोधनों का प्रस्ताव दिया है।
MSME एक्सपोर्टर्स के लिए कर्ज को बढ़ाया जाए
इस बैठक में पीयूष गोयल ने कहा कि ईसीजीसी 9 बैंकों के लिए प्रस्तावित योजना को सभी बैंकों तक विस्तारित करने की जांच कर सकती है, ताकि एमएसएमई एक्सपोर्टर्स के लिए निर्यात कर्ज को बढ़ाया जा सके। बैंकरों ने सुझाव दिया कि ईसीजीसी को सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट के समान क्लेम प्रोसेसिंग मेथड़ को अपनाना चाहिए। इसके लिए पीयूष गोयल ने ईसीजीसी को अपने नुकसान की भरपाई के लिए इसी तर्ज पर एक पैटर्न फॉलो करने की सलाह दी।
1 लाख करोड़ डॉलर के एक्सपोर्ट का टार्गेट
केंद्रीय मंत्री ने बैंकों को प्रस्तावित योजना का लाभ उठाने की सलाह दी। साथ ही एमएसएमई एक्सपोर्टर्स को पर्याप्त और किफायती एक्सपोर्ट लोन देने की सलाह दी। इससे देश साल 2030 तक एक लाख करोड़ डॉलर के व्यापारिक निर्यात के अपने टार्गेट को प्राप्त करने में सक्षम होगा। मंत्री ने ईसीजीसी को क्लेम प्राप्त होने के 45 दिनों के भीतर ईसीआईबी योजना के तहत बैंकों को 75% क्लेम भुगतान की जांच करने की भी सलाह दी। गोयल ने आगे बताया कि अगले चार महीनों में सभी ईसीजीसी सेवाओं को डिजिटल कर दिया जाएगा।
