8.2 C
London
Wednesday, April 29, 2026
HomeUncategorizedमुझे फॉलो न करें, मेरे जैसा बिल्कुल भी न बनें...नारायण मूर्ति ने...

मुझे फॉलो न करें, मेरे जैसा बिल्कुल भी न बनें…नारायण मूर्ति ने 12 साल के बच्चे से क्यों कहा ऐसा

Published on

नई दिल्ली

इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति को काफी लोग अपना आदर्श मानते हैं। टेक की दुनिया से जुड़े काफी लोग उन्हें फॉलो भी करते हैं और उनके पदचिन्हों पर चलने की कोशिश करते हैं। वहीं नारायण मूर्ति ने 12 साल के एक बच्चे से कहा कि वह उनके पदचिन्हों पर न चले। एक स्कूल के कार्यक्रम में बोलते हुए नारायण मूर्ति ने कहा कि मेरे पदचिन्हों पर चलने से बेहतर है कि आप अपना रास्ता खुद चुनें और देश के निर्माण में अपना योगदान दें।

इस कार्यक्रम में छोटी क्लास के स्टूडेंट मौजूद थे। इसी दौरान 12 साल के एक बच्चे ने नारायण मूर्ति से पूछा कि आपके जैसा बनने के लिए मुझे क्या करना चाहिए? इसका जवाब देते हुए नारायण मूर्ति ने कार्यक्रम में मौजूद सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा मैं नहीं चाहता कि तुम मेरे जैसे बनो। मैं चाहता हूं कि तुम राष्ट्र की भलाई के लिए मुझसे बेहतर बनो। इस दौरान नारायण मूर्ति ने अनुशासन के महत्व के बारे में भी बच्चों को बताया। उन्होंने कहा कि मुझे मेरे पिता ने एक टाइम टेबल के जरिए समय के महत्व के बारे में बताया। मूर्ति ने कहा कि पिता के अनुशासन का यह पाठ तब काम आया जब उन्होंने SSLC परीक्षा में राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया।

नारायण मूर्ति ने इन बातों का किया उल्लेख
1. असफलताओं की जिम्मेदारी लें
मूर्ति ने कहा कि हमें अपनी असफलताओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही गर्व के क्षणों को टीम के साथ शेयर करें। इसके बारे में उन्होंने एक पेरिस का उदाहरण दिया जहां एक प्रोग्रोम की टेस्टिंग के दौरान उनसे गलती से पूरे कंप्यूटर सिस्टम की मेमोरी डिलीट हो गई थी।

2. शेयरिंग के बारे में भी बताया
नारायण मूर्ति ने बताया कि निस्वार्थ से किसी के साथ कोई चीज शेयर करना काफी खुशी देता है। उन्होंने शुरुआत के दिनों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने स्कॉलरशिप मिली थी। उस पैसे में से उन्होंने एक जोड़ी कपड़े खरीदे। मां ने उन कपड़ों को भाई को देने को कहा, जिसका शुरू में उन्होंने विरोध किया। अगले दिन, मूर्ति ने कपड़े अपने भाई को सौंप दिए। इससे उन्हें काफी खुशी हुई।

3. खुद का रास्ता बनाने के लिए किया प्रोत्साहित
नारायण मूर्ति ने युवा छात्रों को अनुशासन, नेतृत्व, उदारता, जिम्मेदार नागरिकता और टीमवर्क के मूल्यों को अपनाते हुए अपने अनूठे रास्ते बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हर शख्स को जिम्मेदार नागरिक बनना चाहिए। ऐसा काम करना चाहिए जो राष्ट्र के हित में हो।

4. नागरिकता का पाठ
मूर्ति ने कहा कि साल 1961 में SSLC कक्षा के दौरान हमारे प्रधानाध्यापक ने हमें नागरिकता के बारे में एक पाठ पढ़ाया। रसायन विज्ञान के प्रयोग के दौरान जब प्रधानाध्यापक ने मिश्रण में सावधानी से साधारण नमक मिलाया तो एक सहपाठी हंसा और पूछा कि वह नमक को इतनी कंजूसी के साथ क्यों मिला रहे हैं? इस पर प्रधानाध्यापक ने कहा, यह साधारण नमक इस स्कूल में सभी का है। सिर्फ मेरा नहीं। हमें इसका ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि यह सामुदायिक संपत्ति है। सामुदायिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान के इस पाठ ने मूर्ति के इंफोसिस की स्थापना और संचालन के दृष्टिकोण को आकार दिया।

Latest articles

छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच: सम्मान और आत्मनिर्भरता पर साय सरकार का जोर

रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और समग्र...

गाँव-ढाणी तक पहुँचेगी विकास की गूँज: 15 दिवसीय ‘ग्राम रथ अभियान’ का भव्य शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आज 'ग्राम...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से डेनमार्क के राजदूत की शिष्टाचार भेंट: राजस्थान में निवेश और तकनीकी सहयोग पर हुई चर्चा

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आज मुख्यमंत्री आवास पर डेनमार्क के राजदूत...

राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत तेज, किरणबीर कंग ने सीएम मान के बयान की निंदा की

संगरूर। पंजाब लोकराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरणबीर सिंह कंग ने आम आदमी पार्टी...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...