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एक्सपोर्ट के मामले में चीन तो छोड़िए सिंगापुर से भी पीछे हैं हम, कैसे पलट सकती है बाजी?

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नई दिल्ली:

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में भारत से एक्सपोर्ट 21% की तेजी के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) ने मंगलवार को यह दावा किया। इसमें व्यापारिक निर्यात 525-535 बिलियन डॉलर होगा जो पिछले वित्त वर्ष से लगभग 12% अधिक है। इसी तरह सेवा निर्यात 465-475 बिलियन डॉलर होगा जो लगभग 20% की वृद्धि को दर्शाता है। विभिन्न देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट से इसमें और तेजी आने की उम्मीद है। ब्रिटेन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट बढ़ चुका है जबकि अमेरिका के साथ अगले एक महीने में शुरुआती समझौता होने की उम्मीद की जा रही है।

भारत के निर्यात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2024-25 में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान कुल निर्यात रिकॉर्ड 824.9 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया जो पिछले वर्ष के 778.1 बिलियन डॉलर से 6.01% अधिक है। आईटी, व्यापार, वित्तीय और यात्रा से जुड़ी सेवाओं में मजबूत प्रदर्शन के कारण वित्त वर्ष 2025 में सेवा निर्यात 13.6% बढ़कर 387.5 बिलियन डॉलर हो गया। व्यापारिक वस्तुओं का निर्यात 437.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया जबकि गैर-पेट्रोलियम वस्तुओं का निर्यात रिकॉर्ड 374.1 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6% अधिक है।

चीन से मुकाबला
एफआईईओ के प्रेसिडेंट एस.सी. रल्हन ने कहा कि उभरते बाजारों में विस्तार करना और मौजूदा भागीदारों के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करना विशिष्ट क्षेत्रों पर अत्यधिक निर्भरता से जुड़े जोखिमों को कम कर सकता है। साथ ही, कच्चे माल से वैल्यू-एडेड उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने से निर्यात आय में वृद्धि हो सकती है। एफटीए पर बातचीत और कार्यान्वयन से बाजार तक आसान पहुंच की सुविधा मिल सकती है और व्यापार बाधाओं को कम किया जा सकता है। गुणवत्ता वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने से भारतीय निर्यात में प्रतिस्पर्धा की क्षमता में सुधार होगा।

हालांकि चीन के मुकाबले भारत का एक्सपोर्ट अभी बहुत कम है। worldostats.com के मुताबिक चीन का एक्सपोर्ट पिछले साल करीब 3.51 ट्रिलियन डॉलर रहा। चीन आज 125 देशों के लिए टॉप एक्सपोर्टर है। भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर भी चीन ही है। सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट करने वाले देशों की सूची में भारत बहुत पीछे है। इस लिस्ट में चीन के बाद अमेरिका ($3.05 ट्रिलियन), जर्मनी ($2.10 ट्रिलियन), यूके ($1.07 ट्रिलियन), फ्रांस ($1.05 ट्रिलियन), नीदरलैंड ($949 अरब), जापान ($920 अरब), इटली ($793 अरब) और सिंगापुर ($778 अरब) का नंबर है। इसके मुताबिक भारत का एक्सपोर्ट पिछले साल 773 अरब डॉलर रहा।

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