नई दिल्ली,
सरकारी बैंक कर्मचारियों को सरकार बड़ा तोहफा दे सकती है. वित्त मंत्रालाय ने बैंक कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की प्रक्रिया को शुरू कर दी है. मंत्रालय ने बैंकिंग एसोसिएशन (IBA) को बातचीत की प्रक्रिया को शुरू करने को कहा है. साथ ही ये भी कहा कि इसे एक दिसंबर तक पूरा करने को भी कहा है. वित्त मंत्रालय के एक सीनियर अधिकारी के हवाले से पीटीआई ने ये खबर दी है. सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन की समीक्षा का मामला नवंबर 2022 से ही अटका हुआ है.
संगठनों से बातचीत के बाद ही होगी बढ़ोतरी
अधिकारी के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने बैंकिंग एसोसिएशन सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर बातचीत को तय समय पर पूरा करने को कहा है. ताकी तय समय पर कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की जा सके. बैंकिंग एसोसिएशन से विभिन्न बैंकों के कर्मचारी संगठनों से बातचीत के बाद बनी सहमति के आधार पर भी सैलरी में बढ़ोतरी के नतीजे पर पहुंचता है. अधिकारी का कहना है कि सैलरी में बदलाव के लिए मंत्रालय ने निष्पक्षता और समानता पर जोर दिया है. सरकार की कोशिश है कि सैलरी का स्ट्रक्चर बैंकिंग इंडस्ट्री के बाकी के यूनिट के साथ कंपटीटर बनी रहे.
समय से सैलरी बढ़ोतरी को लागू करने की कोशिश
पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि शुरुआती वेतन वृद्धि से कामकाजी परिस्थितियों में सुधार करने और बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा वित्त मंत्रालय ने IBA से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया है कि भविष्य की सभी वेतन संबंधी बातचीत अगली अवधि शुरू होने से पहले पूरी हो जाएं, ताकि वेतन संशोधन को नियत तारीख से लागू किया जा सके.
पब्लिक सेक्टर बैंक के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी एक जटिल मुद्दा है. IBA ने कहा है कि वह यूनियनों के साथ एक ऐसे समझौते पर पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है जो बैंकों और कर्मचारियों दोनों के लिए उचित हो. यूनियनों ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि IBA उचित वेतन वृद्धि की पेशकश करने में सक्षम होगा.
सरकारी बैंकों की स्थिति अच्छी
अधिकारी के अनुसार, बैंकों के लिए वेतन समझौता हमेशा एक कठिन और समय लेने वाली प्रक्रिया रही है, जिसमें IBA के प्रतिनिधित्व वाले बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संघ कड़ी बातचीत में लगे हुए हैं. सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी में उस वक्त इजाफा करने का निर्णय लिया है, जब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय स्थिति अच्छी है. उनकी शुद्ध कमाई वित्त वर्ष 2023 में लगभग तीन गुना होकर 1.04 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो वित्त वर्ष 2014 में 36,270 करोड़ रुपये थी.
