11.2 C
London
Thursday, March 12, 2026
HomeUncategorizedभारत के पास 20 साल का समय, फिर नहीं मिलेगा मौका... वर्ल्ड...

भारत के पास 20 साल का समय, फिर नहीं मिलेगा मौका… वर्ल्ड बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने क्यों कहा ऐसा?

Published on

नई दिल्ली

भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे बड़ी तेजी से बढ़ रही इकॉनमी है। वर्ल्ड बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री इंदरमीत गिल का मानना है कि भारत के लिए कई चीजें अच्छी हैं। डेमोग्राफी से लेकर जियो-पॉलिटिकल्स तक और बड़े घरेलू बाजार से लेकर निजी क्षेत्र में कम कर्ज स्तर तक। उन्होंने बताया कि भारत को दक्षता, आर्थिक स्वतंत्रता तथा क्वालिटी एजुकेशन पर फोकस करके और FDI तथा व्यापार को खुला रखकर अपनी ग्रोथ के 6% से बढ़ाकर 8% तक ले जाने का प्रयास करना चाहिए।

गिल ने कहा कि जनरल मिडिल इनकम वाली अर्थव्यवस्था की तुलना में भारत बहुत अधिक भाग्यशाली है। अगले दो दशकों तक, इसकी डेमोग्राफी असाधारण रूप से अनुकूल रहेगी। चीन से दूर विविधता लाने की चाह रखने वाले उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के निवेशकों को यह आकर्षक लगता है। यह एक बड़ा और तेजी से बढ़ता हुआ बाजार है, इसलिए विदेशी कंपनियां भारत में परिचालन स्थापित करने में और भी अधिक रुचि लेंगी। इसके प्राइवेट सेक्टर पर बहुत ज्यादा कर्ज नहीं है।

चीन से तुलना
उन्होंने कहा कि भारत की इकॉनमी चीन की तुलना में अधिक संतुलित है। इसमें जीडीपी के लिए खपत का अनुपात सामान्य है, इसलिए यह विदेशी खपत पर कम निर्भर करता है और इसका आर्थिक विकास उतना खतरनाक नहीं होगा जितना कि पिछले दो दशकों के दौरान चीन का विकास था। यहां तक कि भू-राजनीति भी भारत के लिए काफी अनुकूल है। अगले दो दशकों में भारत अपनी क्षमता के चरम पर होगा। दूसरे शब्दों में कहें तो भारतीय अर्थव्यवस्था फिर कभी उतनी वृद्धि नहीं कर पाएगी जितनी अगले दो दशकों में कर सकती है। भारत यह सुनहरा अवसर नहीं गंवा सकता।

गिल ने कहा कि भारत अब से लेकर 2047 के बीच अपनी क्षमता के चरम पर होगा। सवाल यह है कि उस क्षमता को कैसे साकार किया जाए। भारत की संभावित वृद्धि दर लगभग 6% है। इसे बढ़ाकर 8% किया जाना चाहिए। भारत को पूंजी, कुशल श्रम और ऊर्जा के उपयोग में अधिक कुशल बनने की आवश्यकता है। दक्षता बढ़ाने के लिए कुछ गंभीर संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है। शिक्षा में भी उसे उतना ही काम करना होगा जितना उसने डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और सड़कों में किया है। भारत को और अधिक निवेश करने की जरूरत है और यह निवेश निजी क्षेत्र से आना चाहिए। सौभाग्य से, भारत के निजी उद्यम इसके लिए अच्छी स्थिति में हैं।

भारत से पास 20 साल का समय
उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि भारत को अगले दो साल में यह काम करने है। उसके पास दो दशकों का समय है। लेकिन जब यह अवधि समाप्त हो जाएगी तो चीजें फिर कभी इतनी अच्छी नहीं होंगी, इसलिए इसे तत्परता से किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित करके बिल्कुल सही काम किया है।

Latest articles

गौ संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए राज्य में आएगी ‘गौ सेवा नीति’— मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में गौ संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा को...

टीईटी निर्णय के विरोध में शिक्षक-कर्मचारी एकजुट, 13 मार्च को जिलों में ज्ञापन

भोपाल मध्य प्रदेश अधिकारी-कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा टीईटी परीक्षा को...

लाइसेंस नवीनीकरण नहीं कराने पर 6 निजी अस्पतालों को नोटिस — 31 मार्च के बाद संचालित पाए जाने पर होगी कार्रवाई

भोपाल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय ने लाइसेंस और पंजीयन का नवीनीकरण नहीं...

कमला नगर में युवक ने फांसी लगाकर की खुदकुशी

भोपाल राजधानी के कमला नगर थाना क्षेत्र स्थित मांडवा बस्ती में एक 24 वर्षीय युवक...

More like this

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...

खेलो एमपी यूथ गेम्स आगाज, सीएम मोहन यादव ने बढ़ाया उत्साह

भोपाल ।राजधानी में खेलों का महाकुंभ सजीव हो उठा, जब तात्या टोपे स्टेडियम में...