9.3 C
London
Saturday, May 9, 2026
HomeUncategorizedनौसेना की 'दृष्टि' से बचना नामुमकिन है... अडाणी ने समंदर के लिए...

नौसेना की ‘दृष्टि’ से बचना नामुमकिन है… अडाणी ने समंदर के लिए बनाया ‘उड़ता योद्धा’

Published on

नई दिल्ली

अडाणी ग्रुप की कंपनी ने भारतीय नौसेना के लिए ड्रोन स्वदेशी ड्रोन बनाया है। इस स्वदेशी ड्रोन का नाम UAV दृष्टि-10 रखा गया है। ये स्टारलाइनर ड्रोन है, जिसे आज अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय नौसेना को सौंप दिया। इस स्वदेशी ड्रोन के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना का ताकत और ज्यादा बढ़ गई है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित ये ड्रोन काफी एडवांस है। बुधवार को हैदराबाद में फ्लैगऑफ कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने ड्रोन का अनावरण किया। UAV दृष्टि-10 ड्रोन किस तरह से नौसेना की ताकत बढ़ाएगा आइए बताते हैं।

UAV दृष्टि-10 ड्रोन में क्या खूबियां?

  1. UAV ड्रोन एडवांल इंटेलिजेंस, सर्विलांस और टोही (आईएसआर) प्लेटफॉर्म है।
  2. ये ड्रोन हैदराबाद से पोरबंदर के लिए उड़ान भरने के बाद नौसेना के समुद्री अभियानों में शामिल किया जाएगा।
  3. अडाणी ग्रुप के अनुसार, UAV दृष्टि-10 स्टारलाइनर 36 घंटे तक उड़ने में सक्षम है।
  4. ये स्वेदेशी ड्रोन एक बार में 450 किलोग्राम भार उठा सकता है।
  5. ये स्वदेशी ड्रोन कोSTANAG 4671 सर्टिफाइड है।
  6. दृष्टि-10 की सबसे बड़ी खूबी ये है कि ये किसी भी मौसम और स्थिति में उड़ान भर सकता है।
  7. इसे अलग और एक साथ दोनों तरह से उड़ने की मंजूरी दी गई है।

समुद्री निगरानी में मदद करेगा ड्रोन
हैदराबाद में फ्लैगऑफ कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने भारतीय नौसेना की जरूरतों के साथ अपने रोडमैप को बताया। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अडाणी ग्रुप की सराहना की। नौसेना प्रमुख ने कहा, ‘यह ISR टेक्नॉलजी और समुद्री वर्चस्व में आत्मनिर्भरता की ओर एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अडाणी ग्रुप ने न केवल मैन्युफेक्चरिंग में बल्कि ड्रोन के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल में भी मदद की है। हमारे नौसैनिक अभियानों में दृष्टि-10 का एकीकरण हमारी क्षमताओं को बढ़ाएगा, समुद्री निगरानी में ये ड्रोन हमारी मदद करेगा।’

अडाणी बोले- नौसेना की सेवा करने पर गर्व है
अडानी एंटरप्राइजेज से जुड़े जीत अडानी ने हाल की भू-राजनीतिक घटनाओं के मद्देनजर खुफिया, निगरानी और टोही प्लेटफार्मों के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने प्रभावी सूचवा प्रसार के लिए खुफिया तंत्र,बेहतर कम्युनिकेशन, ड्रोन जैसी मानव रहित तकनीक और साइबर टेक्नॉलजी की जरूरत पर जोर दिया। दिया। वहीं अडाणी ने कहा कि वह भारतीय सुरक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने और भारत को वैश्विक निर्यातक के रूप में स्थान देने के लिए तीनों सेनाओं और सीमा पर तैनात सुरक्षाबलो के लिए खुफिया और निगरानी के लिए प्लेटफॉर्म के विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं। उन्होंने कहा, हमें भारतीय नौसेना की सेवा करने और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने पर गर्व है’।

Latest articles

राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

भोपाल। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर सीहोर स्थित कलेक्ट्रेट...

बीएचईएल में पांच दिवसीय पूर्ण अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

भोपाल। महाप्रबंधक (मानव संसाधन) टी. यू. सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न हुआ।...

बीएचईएल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति चुनाव को लेकर एआईबीईयू ने कॉर्पोरेट प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन

भोपाल। बीएचईएल भोपाल में 4 वर्ष बाद होने वाले संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी), प्लांट...

बीएचईएल में AGM से GM पदोन्नति हेतु इंटरव्यू

भोपाल। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में वर्ष 2026 की पदोन्नति प्रक्रिया के अंतर्गत...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...