10.7 C
London
Sunday, December 14, 2025
HomeUncategorized​Jio, Airtel का दबाव बेअसर, सरकार का दो-टूक जवाब, मस्क की हो...

​Jio, Airtel का दबाव बेअसर, सरकार का दो-टूक जवाब, मस्क की हो गई बल्ले-बल्ले

Published on

दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सैटैलाइट ब्रॉडबैंड के मामले में जियो और एयरटेल के दबाव को दरकिनाकर कर दिया है। मंत्री ने दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जाएगा। सरकार ने मुकेश अंबानी और सुनील भारती मित्तल की मांग को खारिज करते हुए कहा कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए नीलामी का रास्ता नहीं चुना जाएगा। ऐसे में जियो और एयरटेल का दबाव बेकार चला गया है।

सैटेलाइट स्पेक्ट्रम प्राइसिंग को लेकर भी विवाद
सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में प्राइसिंग को लेकर भी विवाद जारी है। इस मामले में सरकार का कहना है कि प्राइसिंग का कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की कीमत को तय करेगी।

सिंधिया का सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन की नीलामी से साफ इनकार
सिंधिया ने कहा कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में भारत इंटरनेशनल टेलिकम्यूनिकेशन यूनियन यानी ITU के नियमों का पालन करेगा। ITU के सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को लेकर दिशा-निर्देश बिल्कुल साफ है। ऐसे में भारत ITU के ही गाइडलाइन के हिसाब से सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का आवंटन करेगा। एलन मस्क भी आईटीयू के नियमों का हवाला दे रहे थे कि भारत को सैटेलाइस स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में उसी के हिसाब से काम करना चाहिए।

एलन मस्क की मांग हुई पूरी
सरकार ने एलन मस्क की मांग को मानते हुए जियो और एयरटेल को साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में एलन मस्क की सैटलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि भारत आईटीयू का सदस्य देश है और आईटीयू यूनाइटेड नेशन की डिजिटल टेक्नोलॉजी एजेंसी है।

जियो और एयरटेल की मांग खारिज
सरकार के फैसले के बाद जियो और एयरटेल को जोरदार झटका लगा है। दरअसल जियो और एयरटेल की ओर से लगातार सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए नीलामी की प्रक्रिया को अपनाया जाए। हालांकि सरकार पर भारत की दोनों दिग्गज टेलिकॉम कंपनियों जियो और एयरटेल का दबाव काम नहीं कर रहा है।

क्या है सैटेलाइट इंटरनेट
दरअसल सीधे सैटेलाइट के जरिए जमीन पर इंटरनेट पहुंचाने के माध्यम को सैटेलाइट इंटरनेट कहा जाता है। इसमें तार और टावर की जरूरत नहीं होती है। बस एक रिसीवर vbकी मदद से जमीन पर इंटरनेट पहुंचाया जाता है। इसमें एलन मस्क की स्टारलिंक और अमेजन जैसी कंपनियों का दबदबा मौजूद है।

Latest articles

मैनिट चौराहे का होगा सौंदर्यीकरण, बाउंड्रीवाल भी बनेगी— निगम परिषद अध्यक्ष ने किया भूमिपूजन

भोपाल।शहर के मैनिट चौराहे का जल्द ही सौंदर्यीकरण होगा। यहां एक बाउंड्रीवाल भी बनाई...

मंत्री व महापौर ने किया नेत्र ज्योति यज्ञ का शुभारंभ

भोपाल।पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री कृष्णा गौर व महापौर मालती राय ने रविवार...

जंतर-मंतर पर ईपीएस-95 पेंशनभोगियों का बड़ा प्रदर्शन, न्यूनतम पेंशन 7,500 रुपये करने की मांग तेज

नई दिल्ली।निवृत्त मान कर्मचारी 1995 पेंशन समन्वय समिति के बैनर तले आज राजधानी दिल्ली...

गोविंदपुरा विधायक कार्यालय में निःशुल्क कंबल वितरण— मंत्री कृष्णा गौर के करकमलों से 300 जरूरतमंदों को बांटे गए कंबल

भोपाल।गोविंदपुरा विधायक कार्यालय में शिवशक्ति जनकल्याण समिति द्वारा निःशुल्क कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन...

More like this

शराब ठेकेदार का आत्महत्या से पहले का वीडियो कहा- साढ़े 7 लाख रुपए महीना मांग रहीं आबकारी अधिकारी

देवास ।शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना का आबकारी अधिकारी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाते...

सर्विस सेंटर के एडवाइजर को पुलिस ने पीटा

भोपाल ।भोपाल क्षेत्र के श्यामला हिल्स इलाके में एक प्रसंग में पुलिसकर्मियों द्वारा सर्विस...