8 C
London
Friday, March 13, 2026
HomeUncategorized​Jio, Airtel का दबाव बेअसर, सरकार का दो-टूक जवाब, मस्क की हो...

​Jio, Airtel का दबाव बेअसर, सरकार का दो-टूक जवाब, मस्क की हो गई बल्ले-बल्ले

Published on

दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सैटैलाइट ब्रॉडबैंड के मामले में जियो और एयरटेल के दबाव को दरकिनाकर कर दिया है। मंत्री ने दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का आवंटन किया जाएगा। सरकार ने मुकेश अंबानी और सुनील भारती मित्तल की मांग को खारिज करते हुए कहा कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए नीलामी का रास्ता नहीं चुना जाएगा। ऐसे में जियो और एयरटेल का दबाव बेकार चला गया है।

सैटेलाइट स्पेक्ट्रम प्राइसिंग को लेकर भी विवाद
सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में प्राइसिंग को लेकर भी विवाद जारी है। इस मामले में सरकार का कहना है कि प्राइसिंग का कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI सैटेलाइट स्पेक्ट्रम की कीमत को तय करेगी।

सिंधिया का सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन की नीलामी से साफ इनकार
सिंधिया ने कहा कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में भारत इंटरनेशनल टेलिकम्यूनिकेशन यूनियन यानी ITU के नियमों का पालन करेगा। ITU के सैटेलाइट स्पेक्ट्रम को लेकर दिशा-निर्देश बिल्कुल साफ है। ऐसे में भारत ITU के ही गाइडलाइन के हिसाब से सैटेलाइट स्पेक्ट्रम का आवंटन करेगा। एलन मस्क भी आईटीयू के नियमों का हवाला दे रहे थे कि भारत को सैटेलाइस स्पेक्ट्रम आवंटन के मामले में उसी के हिसाब से काम करना चाहिए।

एलन मस्क की मांग हुई पूरी
सरकार ने एलन मस्क की मांग को मानते हुए जियो और एयरटेल को साफ इनकार कर दिया है। ऐसे में एलन मस्क की सैटलाइट इंटरनेट सर्विस स्टारलिंक की भारत में एंट्री का रास्ता साफ हो गया है। बता दें कि भारत आईटीयू का सदस्य देश है और आईटीयू यूनाइटेड नेशन की डिजिटल टेक्नोलॉजी एजेंसी है।

जियो और एयरटेल की मांग खारिज
सरकार के फैसले के बाद जियो और एयरटेल को जोरदार झटका लगा है। दरअसल जियो और एयरटेल की ओर से लगातार सरकार पर दबाव बनाया जा रहा था कि सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए नीलामी की प्रक्रिया को अपनाया जाए। हालांकि सरकार पर भारत की दोनों दिग्गज टेलिकॉम कंपनियों जियो और एयरटेल का दबाव काम नहीं कर रहा है।

क्या है सैटेलाइट इंटरनेट
दरअसल सीधे सैटेलाइट के जरिए जमीन पर इंटरनेट पहुंचाने के माध्यम को सैटेलाइट इंटरनेट कहा जाता है। इसमें तार और टावर की जरूरत नहीं होती है। बस एक रिसीवर vbकी मदद से जमीन पर इंटरनेट पहुंचाया जाता है। इसमें एलन मस्क की स्टारलिंक और अमेजन जैसी कंपनियों का दबदबा मौजूद है।

Latest articles

भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी का भेल हरिद्वार दौरा

केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री H. D. Kumaraswamy के Bharat Heavy Electricals Limited...

BHEL को Adani Power से 11 हजार करोड़ तक के बड़े ऑर्डर, रक्षा क्षेत्र में भी बढ़ी मजबूती

देश की इंजीनियरिंग कंपनी Bharat Heavy Electricals Limited (BHEL) से जुड़ी खबरों में बड़े...

बीएचईएल स्पोर्ट्स क्लब में 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ

भोपाल। 8वीं मप्र राज्य मास्टर्स बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ भेल खेल प्राधिकरण बैडमिंटन कोर्ट, बरखेड़ा...

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...