नई दिल्ली:
मुकेश अंबानी ने साफ कर दिया है कि रिलायंस समूह का कारोबार सिर्फ पेट्रोकेमिकल या एनर्जी तक सीमित नहीं रहने वाला है। अलबत्ता, ग्रुप गूगल और एपल जैसी दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों की बादशाहत को चुनौती देने को तैयार है। अंबानी की कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे सेक्टरों में पूरी ताकत झोंकने वाली है। वह चुपचाप भारत में गूगल के समानांतर खड़ी हो रही है। इसके संकेत रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 47वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में मिले। इस बैठक में मुकेश अंबानी ने कई बड़े ऐलानों की बौछार कर दी। उन्होंने कहा कि जियो यूजर्स को दिवाली पर नए जियो वेलकम ऑफर में 100जीबी तक मुफ्त क्लाउड स्टोरेज मिलेगा। इसका मतलब है कि अब यूजर्स को ज्यादा स्टोरेज वाले महंगे स्मार्टफोन खरीदने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने सारे डेटा – फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट – मुफ्त में क्लाउड पर स्टोर कर सकेंगे।
यह कदम स्मार्टफोन बाजार में भूचाल ला सकता है। आमतौर पर, स्टोरेज क्षमता बढ़ने पर स्मार्टफोन की कीमत भी बढ़ जाती है। जियो इतनी बड़ी मात्रा में मुफ्त क्लाउड स्टोरेज देकर यूजरों को कम इंटरनल स्टोरेज वाले किफायती डिवाइस चुनने का विकल्प दे रही है, जो बाजार के समीकरणों को बदल सकता है।
गूगल जैसी कंपनियों के उड़ेंगे होश
इसके अलावा, यह ऑफर गूगल जैसी कंपनियों को भी प्रभावित कर सकता है, जो सीमित मुफ्त ऑफर के बाद अतिरिक्त क्लाउड स्टोरेज के लिए यूजरों से पैसे लेती हैं। 100GB मुफ्त क्लाउड स्टोरेज देकर जियो खुद को क्लाउड स्टोरेज बाजार में एक मजबूत प्रतियोगी के रूप में स्थापित कर रही है, जो संभावित रूप से गूगल और अन्य पेड क्लाउड सेवाओं के ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित कर सकती है।
AI सेक्टर में बड़ा कदम उठा रही कंपनी
मुकेश अंबानी का विजन सिर्फ जियो यूजरों को मुफ्त क्लाउड स्टोरेज देने तक सीमित नहीं है। उन्होंने जियो ब्रेन AI सूट की योजनाओं का भी अनावरण किया, जो एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म है जिसका मकसद सभी के लिए AI को सुलभ बनाना है। इसके साथ ही, जियो गुजरात के जामनगर में एक गीगावाट-स्केल AI-रेडी डेटा सेंटर स्थापित करने की तैयारी कर रही है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट AI एप्लिकेशन को और अधिक किफायती और सुलभ बनाएगा। इससे तकनीकी प्रगति में एक लीडर के रूप में जियो की भूमिका और मजबूत होगी।
डिजिटल क्रांति की नींव रख रही है रिलायंस जियो
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की 47वीं वार्षिक आम बैठक में मुकेश अंबानी ने कहा, ‘हमारा मानना है कि भारत में हर कोई AI क्रांति का लाभ उठाने में सक्षम होना चाहिए।’ इन घोषणाओं के साथ मुकेश अंबानी न केवल एक सेवा की पेशकश कर रहे हैं, बल्कि वे एक डिजिटल क्रांति की नींव रख रहे हैं जो टेक्नोलॉजी और स्टोरेज के बारे में सोचने के तरीके को बदल सकता है। महंगे स्मार्टफोन के दिन अब गिने-चुने हो सकते हैं और गूगल को जल्द ही इस भारतीय दिग्गज से अप्रत्याशित प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है।
