शुक्रवार, 16 अगस्त को 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा लगभग दोपहर 1.30 बजे की गई। 70वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विनर्स की घोषणा शुक्रवार को नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया सेंटर में की गई, जिसमें मलयालम फिल्म ‘अट्टम’ को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला। जबकि ऋषभ शेट्टी ने ‘कांतारा’ के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता, बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड निथ्या मेनन और मानसी पारेख को मिला। अब हमारे पास कुछ कलाकारों के रिएक्शन आए हैं, जिन्होंने नेशनल अवॉर्ड की जीत के बाद अपनी खुशी जाहिर की है। आइए बताते हैं।
ऋषभ शेट्टी ने कहा, ‘मैं कांतारा के लिए नेशनल अवॉर्ड का सम्मान पाकर बहुत ही खुश हूं। मैं अपने दिल से शुक्रिया अदा करता हूं उन सबको जो इस सफर का हिस्सा रहे, बेहतरीन आर्टिस्ट्स की टीम और खासकर के होम्बले फिल्म्स का। दर्शकों ने इस फिल्म को सफल बनाया है और उनका समर्थन मुझे बहुत ज़िम्मेदार महसूस कराता है। मैं अपने दर्शकों के लिए और भी बेहतर फिल्म बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने के लिए कमिटेड हूं। खूब सारे सम्मान के साथ, मैं यह अवार्ड हमारे कन्नड़ दर्शकों, दैव नर्तक और अप्पू सर को डेडिकेट करता हूं।’
अयान मुखर्जी की खुशी का ठिकाना नहीं
‘ब्रह्मास्त्र’ के डायरेक्टर अयान मुखर्जी ने 3 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। उन्होंने कहा, ‘यह हमारे लिए एक खास दिन है। मैं ब्रह्मास्त्र को राष्ट्रीय पुरस्कारों में मिली मान्यता के लिए बहुत आभारी हूं। फिल्म का संगीत हम सभी के दिलों में एक खास जगह रखता है। प्रीतम दा की रचनाएं, अमिताभ के गीत और अरिजीत की आवाज के साथ, कुछ ऐसा है जिसके लिए मैं बहुत गर्व और आभारी महसूस करता हूं!’
‘अट्टम’ के डायरेक्टर क्या बोले
‘अट्टम’ के डायरेक्टर आनंद एकर्षी ने बड़ी जीत के बाद कहा, ‘यह हमारे बेतहाशा सपनों से परे है। मैं समर्थन के लिए अट्टम निर्माता अजित जॉय का आभारी हूं। चूंकि फिल्म का विषय सार्वभौमिक था, इसलिए हमने इसे एक साल के लिए फिल्म समारोहों में ले जाने और फिर सिनेमाघरों में रिलीज करने का फैसला किया। हमने इन फिल्म समारोहों में बड़े पुरस्कार जीते। हमने बेहतरीन प्रतिक्रिया के साथ इस साल जनवरी में फिल्म रिलीज की। भले ही हमने करोड़ों की कमाई नहीं की, लेकिन सिनेमा प्रेमी दर्शकों ने इसे सराहा। जब यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज हुई तो इसे काफी बढ़ावा मिला क्योंकि इसे पूरे भारत में खरीदार मिले।’
क्या बोले मनोज बाजपेयी
मनोज बाजपेयी को भी नेशनल अवॉर्ड मिला, जिसे पाकर उन्होंने कहा, ‘वाह! बेहतरीन हिंदी फिल्म भी! मुझे तुरंत अपने निर्देशक राहुल वी चितेला को फोन करना था, मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वह सम्मान के पात्र हैं, उन्होंने एक जटिल पारिवारिक व्यवस्था के रिश्तों के बारे में इतनी खूबसूरत फिल्म बनाई है। वह इस बात को नहीं भूलते कि पिछले कुछ वर्षों में ही उनकी कड़ी मेहनत पर किसी का ध्यान नहीं गया है। यह अब हो रहा है। ऐसी फिल्में बनी हैं जिन्हें पहचान नहीं मिली, और ऐसे भी समय थे जब चीजें ठीक नहीं दिख रही थीं।’
