19.7 C
London
Sunday, April 26, 2026
HomeUncategorizedभारत में 18 लाख से ज्यादा हैं धन्नासेठ, जानिए कमाते कितना हैं,...

भारत में 18 लाख से ज्यादा हैं धन्नासेठ, जानिए कमाते कितना हैं, मिलते कहां हैं

Published on

नई दिल्ली

दुनिया में मध्यम वर्ग की पहचान के लिए कोई एक परिभाषा नहीं है। ऐसे में जब भी मध्यम वर्ग को लेकर कोई सर्वे होता है तो उसमें कई तरह की समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में एक ताजा सर्वे में सात श्रेणियां बनाई गई हैं। इसमें सबसे नीचे ऐसे बेसहारा गरीबों को रखा गया है जिनकी सालाना पारिवारिक आय 1.25 लाख रुपये (2020-21) है और सबसे ऊपर ‘सुपर रिच’ हैं जिनकी सालाना पारिवारिक आय 2 करोड़ से अधिक है। इनके बीच में बसता है मिडिल क्लास। ‘भारत के मध्यम वर्ग का उदय’ शीर्षक से रिपोर्ट लिखने वाले PRICE के एमडी और सीईओ राजेश शुक्ला का कहना है कि रेंज 50 से 400 मिलियन तक है, जिससे उनकी वास्तविक सामर्थ्य और खरीदने की क्षमता पर कई सवाल खड़े होते हैं।

कोई कार खरीद नहीं पाता, कहीं एक घर में तीन
इस सर्वे में बताया गया है कि सबसे निचली श्रेणी में आने वाले परिवार मुश्किल से एक कार खरीद पाते हैं। एस्पायरर (आकांक्षी) श्रेणी के हर 10 में से पांच से भी कम परिवारों के पास एक गाड़ी (2020-21) थी। ‘सीकर्स’ श्रेणी में ऐसे लोग आते हैं जिनकी आय 5 लाख और 15 लाख सालाना के बीच होती है। इनमें हर 10 में से 3 परिवारों के पास एक कार है। ‘रिच या अमीर’ श्रेणी में ऐसे परिवार आते हैं जिनकी सालाना आय 30 लाख से अधिक होती है, ऐसे घरों में एक कार होती है। ‘करोड़पति’ की श्रेणी में हर परिवार में करीब तीन कारें होती हैं।

AC वाले कहां कितने
इसी प्रकार से, एयरकंडीशनर्स की बात करें तो बेसहारा गरीब परिवारों में यह बिल्कुल नहीं दिखाई देता है। सर्वे के अनुसार एस्पायरर श्रेणी में हर 100 में 2 के पास और आधे सुपर रिच के पास एयरकंडीशनर होता है।

महाराष्ट्र में अमीर सबसे ज्यादा
रिपोर्ट में बताया गया है कि महाराष्ट्र सबसे अमीर राज्य है, जहां 6.4 लाख सुपर रिच परिवार हैं। इनकी 2021 में सालाना कमाई 2 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। 1.8 लाख परिवारों के साथ दिल्ली दूसरे नंबर पर, 1.4 लाख के साथ गुजरात तीसरे, 1.3 लाख के साथ तमिलनाडु चौथे और 1.01 लाख परिवारों के साथ पंजाब पांचवें नंबर पर है।रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘सुपर रिच’ परिवारों की संख्या 1994-95 में 98,000 थी, जो 2020-21 में बढ़कर 18 लाख पहुंच गई। हाई-इनकम सेगमेंट में सूरत और नागपुर की ग्रोथ सबसे ज्यादा रही।

मिडिल क्लास की उलझन
मिडिल क्लास उच्च वर्ग और निम्न वर्ग के बीच में होने के कारण हमेशा अपनी इच्छाएं उच्च वर्ग के समान रखता है। यही वजह है कि यह वर्ग हर समय आर्थिक चुनौती झेलता रहता है। इस वर्ग के भीतर लोगों की व्यापकता के कारण कोई निश्चित परिभाषा भी नहीं दी जा सकती है।

Latest articles

वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला, हमलावर पकड़ाया

चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे वॉशिंगटन। अमेरिका की राजधानी...

ईरान-अमेरिका वार्ता पर लगा ब्रेक, ट्रंप ने रद्द किया अपने डेलिगेशन का इस्लामाबाद दौरा

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामाबाद में होने वाली ईरान के साथ...

दादाजी धाम में धार्मिक अनुष्ठानों का भव्य समापन

भोपाल। रायसेन रोड, पटेल नगर स्थित प्रसिद्ध दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में...

भेल भाजपा नेता के मोबाइल हैक कर संपर्कों को भेजे जा रहे शादी के फर्जी डिजिटल कार्ड

भोपाल। राजधानी में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और चौंकाने वाला तरीका...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...