नई दिल्ली,
भारत दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बना हुआ है, वहीं देश में महंगाई से लेकर बेरोजगारी तक में कमी आती जा रही है. ये हम नहीं कह रहे बल्कि आंकड़े बता रहे हैं. इस बीच एक दिन में ही देश की मोदी सरकार (Modi Govt) के लिए तीन गुड न्यूज आईं. सोमवार को जहां देश में रिटेल महंगाई दर जनवरी में कम हो गई, तो वहीं दूसरी ओर बेरोजगारी दर में भी गिरावट देखने को मिली है. आइए विस्तार से जानते हैं इनके बारे में…
पहली गुड न्यूज: रिटेल महंगाई 5.69% पर आई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए सोमवार का दिन खुशखबरियों भरा रहा. पहली गुड न्यूज महंगाई के मोर्चे पर आई. सरकार ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि साल 2024 के पहले महीने यानी जनवरी में रिटेल महंगाई दर में 0.59 फीसदी की कमी आई है. इसके बाद ये कम होकर 5.10 फीसदी के स्तर पर आ गई है. इससे पहले दिसंबर 2023 में CPI दर 5.69 फीसदी रही थी. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रिटेल महंगाई को 4% पर रखने का टारगेट तय किया है.
तीन महीने के निचले स्तर पर CPI
गिरावट के बाद देश में रिटेल महंगाई घटकर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गई है. जहां दिसंबर 2023 में ये 5.69 फीसदी दर्ज की गई थी, तो वहीं इससे पिछले महीने नवंबर 2023 में ये आंकड़ा 5.55 फीसदी था. जनवरी में महंगाई दर में गिरावट खाने-पीने के सामान की कीमतों में कमी के चलते देखने को मिली है. सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़ों को देखें तो पिछले महीने सब्जियों की महंगाई दर 27.6% से घटकर 27% हो गई है.
महंगाई के आंकड़ों पर नजर
सेक्टर दिसंबर 2023 जनवरी 2024
खाद्य महंगाई 9.5% 8.3%
ग्रामीण महंगाई 5.93% 5.34%
शहरी महंगाई 5.46% 4.92%
दूसरी गुड न्यूज: इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बढ़ा
सोमवार को मोदी सरकार के लिए आई दूसरी गुड न्यूज की बात करें तो भारत का औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) दिसंबर 2023 में उम्मीद से अधिक 3.8 फीसदी की तेजी से आगे बढ़ी है. रॉयटर्स द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में अर्थशास्त्रियों ने इसमें 2.4 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान जाहिर किया था. लेकिन, जो डाटा सामने आया वो इससे बेहतर रहा. इससे पहले नवंबर में IIP की वृद्धि दर 2.4 फीसदी रही थी.
तीसरी गुड न्यूज: बेरोजगारी दर में कमी
शहरी क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2023) में घटकर 6.5 प्रतिशत हो गई है. पिछले साल की समान अवधि में यह 7.2 फीसदी दर्ज की गई थी. सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने एक बयान में कहा कि महिलाओं के लिए बेरोजगारी दर भी पिछले साल के 9.6 फीसदी से घटकर इस साल तीसरी तिमाही में 8.6 फीसदी हो गई. गौरतलब है कि अप्रैल-जून 2022 में बेरोजगारी दर अधिक थी, जबकि देश में कोरोना प्रतिबंधों के चलते हालात बिगड़े थे.
