2.4 C
London
Sunday, March 15, 2026
HomeUncategorizedसस्ता हुआ टमाटर, आधी से ज्यादा गिर गई कीमत, किसानों को हो...

सस्ता हुआ टमाटर, आधी से ज्यादा गिर गई कीमत, किसानों को हो रहा तगड़ा नुकसान

Published on

नई दिल्ली

थोक बाजार में टमाटर की कीमत गिर गई है। करीब 20-25 दिन पहले इसका थोक मूल्य करीब 900 से 1000 रुपये प्रति क्रेट (25 किलो) था। वहीं अब यह गिरकर 250 से 400 रुपये प्रति क्रेट पर आ गया है। ऐसे में देखा जाए तो इतने समय में टमाटर की कीमत में 60 से 70 फीसदी की गिरावट आई है। गिरावट का मुख्य कारण बाजार में टमाटर की नई फसल का आना है। नई फसल आने से टमाटर की आवक बढ़ गई है, जिससे इसकी कीमत में गिरावट आई है। इस गिरावट की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ रही है। किसानों को टमाटर की लागत तक निकालना मुश्किल हो रहा है।

बढ़ती आवक ने घटाई कीमत
इस समय कई राज्यों से टमाटर की नई फसल थोक बाजारों में आ रही है। यह फसल कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, हिमाचल, महाराष्ट्र आदि राज्यों से आ रही है। नई फसल के आने से बाजार में टमाटर की आवक काफी बढ़ गई है। जिस रफ्तार से आवक बढ़ी है, उस रफ्तार से इसकी बिक्री नहीं हो रही है। ऐसे में टमाटर के दाम गिर गए हैं। थोक मार्केट में इसकी गिरावट का असर स्थानीय मार्केट में भी दिखाई दे रहा है। करीब एक महीने पहले 100 रुपये किलो बिकने वाला टमाटर अब 30 से 50 रुपये किलो बिक रहा है। माना जा रहा है कि दूसरे और राज्यों से टमाटर की टमाटर की आवक बढ़ने पर इसकी कीमत में और गिरावट आ सकती है।

किसानों पर दोहरी मार
टमाटर की कीमत गिरने से किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। पहले बारिश के कारण टमाटर की काफी फसल खराब हो गई थी। वहीं अब नई फसल की उन्हें सही कीमत नहीं मिल रही है। किसानों के मुताबिक थोक व्यापारियों पर टमाटर का काफी स्टॉक हो गया है, जिससे कारण वह इसकी अब और खरीदारी नहीं कर रहे हैं। खरीदारी न होने से किसानों को इसे कम कीमत पर बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसका काफी फायदा बिचौलिए भी उठा रहे हैं। जानकारों के मुताबिक अगले साल मार्च-अप्रैल तक कीमतों में सुधार की कोई संभावना दिखाई नहीं दे रही है।

लागत निकालना हो रहा मुश्किल
टमाटर की कीमत गिरने से किसानों को इसकी लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। एक किसान ने बताया कि उन्होंने एक महीने पहले टमाटर 30 से 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा था, लेकिन अब ये घटकर 18 से 20 रुपये प्रति किलो तक आ गए हैं। वहीं एक किलो टमाटर पैदा करने में 20 से 22 रुपये का खर्चा आता है। ऐसे में अब टमाटर को बेचने से इस लागत भी नहीं निकल पा रही है।

सड़क पर फेंके टमाटर
सही कीमत ने मिलने से किसान टमाटर को सड़क पर फेंकने के लिए मजबूर हैं। हाल ही में तमिलनाडु के किसानों ने टमाटर को सड़क पर फेंक अपना गुस्सा जताया था। वहीं काफी किसान ऐसे भी हैं जिन्हें अपनी फसल को बिना काटे ही खेतों में सड़ने के लिए छोड़ दिया है। जानकार बताते हैं कि किसानों को अगर सरकार की तरफ से फसल को कोल्ड स्टोर में रखने की उचित सुविधा मिले तो इससे उन्हें अच्छी कीमत मिल सकती है।

Latest articles

खण्डेलवाल परिवार के दुख में शामिल हुए सांसद आलोक शर्मा, दी श्रद्धांजलि

भारतीय जनता पार्टी भोपाल लोकसभा के सांसद श्री आलोक शर्मा ने शनिवार को भारतीय...

नंबर टू उद्योगपति लेंगे राजधानी की सबसे कीमती जमीन, भेल का भी नंबर लग सकता है!

भोपाल! भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार देश के ‘नंबर टू’ उद्योगपति अब भोपाल की फिजाओं में...

बीएचईएल थ्रिफ्ट सोसायटी की बैठक: सदस्यों को मिलेगा 6.25% ब्याज, उपहार में एक्सरसाइज बाइक देने पर विचार

भेल, भोपाल। बी.एच.ई.एल. थ्रिफ्ट एंड क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, पिपलानी, भोपाल की प्रबंधकारिणी समिति की...

कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में DBT प्रायोजित व्याख्यान श्रृंखला संपन्न: जैव प्रौद्योगिकी के भविष्य पर हुई चर्चा

भोपाल। भारत सरकार के बायोटेक्नोलॉजी विभाग (DBT) के सहयोग से भोपाल के कॉर्पोरेट इंस्टीट्यूट ऑफ...

More like this

समय पर खर्च करें केंद्रीय निधि, ताकि विकास की गति बनी रहे: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के विकास में केंद्रीय सहायता प्राप्त योजनाओं...

मप्र में टैक्स फ्री हुई फिल्म ‘शतक’ — मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले— राष्ट्रसेवा और आत्मनिर्भर भारत का देती है संदेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिंदी फिल्म ‘शतक’ को मध्य प्रदेश में टैक्स फ्री...

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ की दूसरी बैठक — 84,282 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई...

भोपाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में ‘राज-उन्नति’ कार्यक्रम की दूसरी उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित...