डेनवर,
अमेरिकन एयरलाइंस 20 बूम सुपरसोनिक ओवरटर यात्री जेट खरीदने जा रहा है. ये आम यात्री विमानों से दोगुनी गति में उड़ने वाला प्लेन है. यानी दिल्ली से चेन्नई की जो यात्रा आप ढाई घंटे में करते हैं. उसे ये प्लेन एक घंटे या उससे कम में ही पूरी करा देगा.
अमेरिकन एयरलाइंस ने 20 बूम सुपरसोनिक विमानों के लिए नॉन-रिफंडेबल डिपॉजिट किया है. इस विमान को डेनवर स्थित एयरोस्पेस कंपनी बूम बनाती है. यह विमान मैक 1.7 की गति से उड़ता है. यानी 1975 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार. दिल्ली से चेन्नई की दूरी करीब 1800 किलोमीटर है. यानी यह प्लेन दिल्ली से उड़ा तो एक घंटे से कम समय में चेन्नई पहुंच जाएगा.
इस विमान की खासियत ये है कि एक बार ईंधन भरने के बाद यह लगातार 7870 किलोमीटर तक उड़ा सकता है. इसमें 65 से 80 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है. अमेरिकन एयरलाइंसने बूम कंपनी को कहा है कि वो विमानों की डिलवरी से पहले विमानन उद्योग के सभी सेफ्टी, ऑपरेशन और परफॉर्मेंस संबंधी मानकों की जांच कर ले. इनके पूरा होने पर ही डिलीवरी ली जाएगी.
अमेरिकन एयरलाइंस ऐसे 40 और विमान खरीदने की योजना भी बना रही है. बूम सुपरसोनिक जेट्स बनाने वाली कंपनी का कहना है कि इस विमान की खासियत इसकी डिजाइन है. आगे पतला और पीछे चौड़ा. इससे विमान को ड्रैग कम लगेगा. इसके साथ ही इससे ईंधन की खपत में भी बचत होगी.
बूम सुपरसोनिक विमान में विंग्स के नीचे चार इंजन लगे हैं, जो इसकी गति को नियंत्रित करते हैं. इसे ताकत देते हैं. अमेरिका का फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन किसी भी यात्री विमान को मैक 1 यानी 1225 किलोमीटर प्रतिघंटा के ऊपर उड़ान भरने को मना करता है. अगर बूम कंपनी इस विमान को खरीद रही है तो इसका मतलब ये है कि कंपनी को 1975 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ने की अनुमति मिल गई होगी. या मिलने वाली होगी.
ये भी हो सकता है कि इन्हें इस गति में उड़ने की अनुमति सिर्फ कुछ ही देर या स्थानों के ऊपर मिले. बूम कंपनी के सीईओ ब्लेक शॉल ने कहा कि हमने 2021 में समझौता किया था कि 15 विमान दिए जाएंगे. साथ में अलग से 35 प्लेन्स बाद में दिए जाएंगे. लेकिन बाद में 20 और 40 हो गया. अब देखते हैं कि डील कितनी सफल होती है.
बूम सुपरसोनिक की नॉर्थोप ग्रुमेन के साथ मिलिट्री और इमरजेंसी रेसपॉन्स मिशन के लिए ओवरटर का अलग-अलग वर्जन बनाने की भी डील है. इन समझौतों के बावजूद बूम सुपरसोनिक अभी इन विमानों का प्री-फ्लाइट टेस्टिंग कर रहा है. कंपनी को उम्मीद है कि अपने इन विमानों का सही उत्पादन 2024 से करेगी. पहली उड़ान साल 2026 में होगी.
बूम सुपरसोनिक एक और सुपरसोनिक जेट बना चुकी है. जो कि टेक्नोलॉजी डिमॉन्सट्रेटर है. इसका नाम है XB-1. इसकी पहली उड़ान इस साल के अंत तक संभव है. बूम कंपनी को उम्मीद है कि दुनिया में अगले कुछ वर्षों में 1000 सुपरसोनिक विमान उड़ने लगेंगे. इनके लिए बिजनेस क्लास की टिकट लगेगी.
बूम सुपरसोनिक के ओवरटर विमानों में विंग्स पुराने सुपरसोनिक यात्री जेट कॉनकॉर्ड की तरह ही हैं. अब देखना ये है कि कितनी जल्दी इन विमानों की उड़ान शुरू होती है. क्योंकि कॉनकॉर्ड सुपरसोनिक विमानों की उड़ान को एक हादसे के बाद रोक दिया गया था.
