नई दिल्ली
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को गोवा के बेतुल में इंडिया एनर्जी वीक 2024 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि भारत में अगले पांच-छह साल में ऊर्जा क्षेत्र में 67 अरब डॉलर का निवेश होगा। भारतीय अर्थव्यवस्था 7.5 फीसदी से अधिक की रफ्तार से बढ़ रही है। देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने ग्लोबल कंपनियों को भारत के बढ़ते ऊर्जा सेक्टर का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। कहा कि 2030 तक देश की अपनी रिफाइनिंग क्षमता 25.4 करोड़ टन वार्षिक से बढ़कर 45 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद है। अपनी सरकार के बुनियादी ढांचे पर जोर का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में बुनियादी ढांचे के लिए जो 11 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, उसका एक बड़ा हिस्सा ऊर्जा क्षेत्र में जाएगा।
सुधारों की वजह से घरेलू गैस का उत्पादन बढ़ रहा
पीएम मोदी ने कहा कि बजट में जिस रकम का प्रावधान किया गया है, उसका इस्तेमाल रेलवे, रोडवेज, जलमार्ग, वायुमार्ग या आवास आदि के निर्माण में किया जाएगा। इसके लिए ऊर्जा की आवश्यकता होगी। इससे भारत को अपनी ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘सरकार के सुधारों की वजह से घरेलू गैस का उत्पादन बढ़ रहा है। देश विभिन्न ऊर्जा स्रोतों में गैस की हिस्सेदारी वर्तमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक ले जाने का प्रयास कर रहा है।’
विकास की रफ्तार का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 ऐसे समय में हो रहा है जब भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में 7.5 प्रतिशत को पार कर गई। उन्होंने कहा कि वृद्धि की गति वैश्विक अनुमान से अधिक है जिससे भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने भविष्य में इसी तरह के रुझानों के अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान का भी जिक्र किया।
