नई दिल्ली
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने आज रेपो रेट पर बड़ी राहत देते हुए इसे एक बार से स्थिर रखा है। आरबीआई ने रेपो रेट को लगातार दूसरी बार कोई बदलाव नहीं करते हुए इसे 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। आरबीआई के फैसले से घर, गाड़ी खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। लोगों की ईएमआई नहीं बढ़ेगी। घर के बाद अब पेट्रोल-डीजल को लेकर भी बड़ा ऐलान हो सकता है। आने वाले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कटौती हो सकती है और आपको राहत मिल सकती है।
13 महीनों से नहीं घटे पेट्रोल-डीजल के रेट
इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का दौरा जारी है। आज भी डब्लूटीआई क्रूड ऑयल की कीमत 0.04 डॉलर गिरकर 72.49 रुपये पर पहुंच गया है। वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर 76.87 डॉलर प्रति बैरक पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमत में गिरावट के बाद भी पिछले 13 महीनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं देखने को मिला है। 22 मई 2022 को आखिरी बार पेट्रोल की कीमत में कटौती की गई थी। इसके बाद से इसकी कीमत स्थिर बनी हुई है। देश के अधिकांश हिस्सों में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच चुके हैं। राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये लीटर बिक रहा है। महंगाई की मार झेल रहे लोगों को जल्द ही इसमें राहत मिलने की उम्मीद है। तेल कंपनियां आने वाले कुछ दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में कटौती कर सकती है।
सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल
आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में कमी देखने को मिल सकती है। पब्लिक सेक्टर की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMC) आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के रेट कम कर सकती हैं। लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमत में कटौती कर सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई हो चुकी है और ये कंपनियां अब पहले की स्थिति में पहुंच चुकी है। घाटे से उबर चुकी तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमत में कटौती कर आम लोगों को राहत दे सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक अगर तेल मार्केटिंग कंपनियां एक और तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन देखती हैं तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती कर सकती हैं। हालांकि तेल कंपनियों के मार्च तिमाही में अच्छा मुनाफा कमाया है। तेल कंपनियों के Q4 के आंकड़ों के बाद से इस इस पर चर्चा शुरू हो गई है।
तेल कंपनियों के घाटे की भऱपाई
अगर देश की सबसे बड़ी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्प की बात करें तो इसके कॉन्सॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 52 फीसदी उछाल आया है। कंपनी ने मार्च तिमाही में 10,841 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट रहा। पिछले साल जनवरी से मार्च तिमाही में कंपनी ने 7,089 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया। इसी तरह से हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपरेशन ने मार्च तिमाही में 79 फीसदी शुद्ध मुनाफा हासिल किया। ऐसे में अगर तेल कंपनियां का मुनाफा एक और तिमाही में बरकरार रहता है तो वो पेट्रोल-डीजल की कीमत में कटौती कर आम जनता को राहत दे सकती है। गौरतलब है कि बीते कुछ सालों में हाई क्रूड प्राइस , रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कारणों की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को काफी घाटी हुआ था, लेकिन अब इसकी भरपाई हो चुकी है। जल्द इसकी राहत आप तक पहुंच सकती है।
क्रूड ऑयल में नरमी का असर
बीते कुछ महीनों से क्रूड ऑयल में नरमी जारी है और कीमत में कटौती के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के पास कीमत घटाने का स्कोप बन सकता है। यहीं वजह रहा है कि तेल कंपनियों ने इस तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। क्रू़ड ऑयल की घटती कीमत और बाजार में उपलब्ध पर्याप्त तेल सप्लाई पेट्रोल-डीजल की कीमत में कटौती की बड़ी वजह बन सकते हैं। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन सदस्यों में से अगर कोई मेंमबर तेल सप्लाई में कटौती भी करता है तो भी सप्लाई चेन में कोई बाधा नहीं आएगी। दरअसल वैश्विक रूप से देश इस तरह से जुड़ गए हैं कि सप्लाई में कटौती होने पर वैकल्पिक बाजारों का विक्लप उपलब्ध हो जाता है, जिसके कारण बाजार प्रभावित नहीं होती है।
