8.6 C
London
Monday, March 30, 2026
Homeराष्ट्रीय200 करोड़ वैक्सीनेशन... लक्ष्य बड़ा था, मुश्किलें तमाम थीं मगर कोरोना से...

200 करोड़ वैक्सीनेशन… लक्ष्य बड़ा था, मुश्किलें तमाम थीं मगर कोरोना से यूं जीतता चला गया भारत

Published on

भारत जल्द ही 200 करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य हासिल करने वाला है। भारत जैसे देश में ये लक्ष्य आसान नहीं था मगर बेहतर मैनेजमेंट से ये लक्ष्य हासिल होने जा रहा है। 30 जनवरी 2020 का वो दिन था जब भारत में पहला कोविड मामला सामने आया था। इसके बाद मार्च में इस वायरस से भारत में पहली मौत हुई थी। 23 मार्च को भारत में लॉकडाउन की घोषणा की गई। उसके बाद वो दौर कोई भी इंसान याद नहीं करना चाहेगा। दो साल इंसान की जिंदगी कैदखाने में कैद हो गई। लाशों का अंबार लग गया था। हर तरफ सन्नाटा और मातम ही था। मगर कहा जाता है कि माना कि अंधेरा घना है, परंतु दीप चलाना कहां मना है…बस इसी उम्मीद के साथ भारत निरंतर आगे बढ़ता गया और इस महाविनाश वाले दौर से जल्द ही हम निकल पाए।

कोरोना वायरस के वक्त पर हमाले हेल्थ वर्कर्स ने बहुत ही शानदार रोल निभाया था। इस कठिन परिस्थिति में वो ही हमारा सहारा बने थे। भारत अब जल्दी ही 200 करोड़ का लक्ष्य पूरा करने जा रहा है। इस लक्ष्य तक पहुंचने में सरकार से लेकर आम आदमी सभी का योगदान रहा। इस तस्वीर में आप साफ देख सकते हैं कि भारत सरकार ने इसके खतरे को भांपते हुए समय-समय पर कठोर फैसले लिए। 2021 की पहली ही तारीख को पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन का ऐलान कर दिया था।

दुनिया की 17.5 पॉपुलेशन सिर्फ भारत में
ग्राफिक्स के जरिए आपको बताया गया है कि भारत में पॉपुलेशन कितनी है और इसमें बच्चे, जवान, महिलाओं की क्या संख्या है। इससे आपको समझ आएगा कि यहां पर वैक्सीनेशन के इस लक्ष्य तक पहुंचना कितना चुनौतीपूर्ण रहा है।

सबसे पहले हेल्थ वर्करों को किया गया वैक्सीनेट
सबसे पहले हेल्थ वर्करों को वैक्सीनेट किया गया। उसके बाद बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से जूझने वाले लोगों को वैक्सीनेट किया गया। इस तरह बहुत ही आसानी से बिना भगदड़ की स्थिति के बिना आसानी से वैक्सीनेशन हो पाया।

एक दिन में 2.5 करोड़ वैक्सीनेशन
भारत मे एक दिन में 2.5 करोड़ लोगों को वैक्सीनेट किया गया। ये भारत के लिए बड़ा माइल्सस्टोन था। वैक्सीनेशन भारत में 16 जनवरी से शुरू हुआ था। तस्वीर में देखिए किस तरह से भारत ने इस लक्ष्य को हासिल किया।

सरकार ने सभी का किया धन्यवाद
भारत सरकार ने इस मौके पर लोगों को विस्तृत जानकारी दी और लोगों को धन्यवाद भी कहा। भारत के पास बेहतर मेडिकल फैसिलिटी नहीं थी। भारत के पास संसाधनों का भी अभाव था फिर भी हमारे देश ने सभी को पछाड़ दिया। भारत के आगे अमेरिका, ब्राजील जैसे देश भी पिछड़ गए।

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

1 अप्रैल से जेब पर बढ़ेगा बोझ: नेशनल हाईवे पर सफर होगा 5 से 10% तक महंगा

आने वाली 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना आपकी जेब पर भारी...

रामनवमी पर प्रदेशभर में धार्मिक आयोजन, मंदिरों में विशेष पूजा और भंडारे

भोपाल रामनवमी के पावन अवसर पर मप्र के विभिन्न शहरों में श्रद्धा और उत्साह के...

राजधानी में दो दिन में छह नाबालिग किशोरियां लापता, पुलिस ने शुरू की तलाश

भोपाल राजधानी में दो दिनों के भीतर शहर के अलग-अलग इलाकों से आधा दर्जन नाबालिग...