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वॉशिंगटन में अक्षम और दुष्ट लोगों के कारण तृतीय विश्व युद्ध का खतरा… डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर कौन?

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वॉशिंगटन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस यूक्रेन युद्ध और चीन-ताइवान तनाव को लेकर बाइडेन प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने डलास में कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि वॉशिंगटन को चलाने वाले “अक्षम” और “बुरे” लोगों के कारण अमेरिका एक नए वैश्विक सैन्य संघर्ष में फंस सकता है। ट्रंप का आरोप है कि बाइडेन प्रशासन ने वैश्विक चुनौतियों का ठीक ढंग से सामना नहीं किया। इस कारण अमेरिका के दो दोस्त देश इस समय मुश्किल में फंसे हुए हैं। ट्रंप ने 2021 में अपने विदाई भाषण में भी इस बात पर गर्व जताया था कि वह दशकों बाद अमेरिका के पहले ऐसे राष्ट्रपति बने हैं, जिसने अपने कार्यकाल में कोई यु्द्ध शुरू नहीं किया है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका में नवंबर में मध्यावधि चुनाव होंगे।

ट्रंप को सता रहा तीसरे विश्व युद्ध का डर
कंजर्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस ट्रंप ने कहा, ”आपको बस इतना करना है कि पिछले 200 वर्षों को देखें, यह फिर से होने वाला है। हम तीसरे विश्व युद्ध में खत्म हो सकते हैं क्योंकि हम अक्षम लोगों के जरिए शासित हो रहे हैं। ऐसा हो सकता है और यह युद्ध किसी भी युद्ध से भी बदतर होगा क्योंकि हमारे पास ऐसे हथियार हैं जो पहले कभी किसी ने नहीं देखे हैं।” उन्होंने आगे कहा, ”लेकिन जब आप कहते हैं, ‘यह कहां रुकेगा?’ ‘यह कहां खत्म होगा?’ इस पर मेरा जवाब है कि यह शायद नहीं रुकने वाला, क्योंकि बड़े बाहरी खतरों के बावजूद हमारा सबसे बड़ा खतरा हमारे ही देश के बीमार, भयावह और बुरे लोग हैं।” उन्होंने कहा कि इसके बाद अगले कुछ साल यह निर्धारित करेंगे कि अमेरिकी सभ्यता ढह जाएगी या विफल हो जाएगी, या क्या यह पहले की तरह जीत और पनपेगी।

ट्रंप का दावा- मैं राष्ट्रपति होता तो सब सही होता
ट्रंप ने अमेरिका को गिरता हुआ राष्ट्र’ और तीसरी दुनिया का राष्ट्र बताते हुए दुख जताया। उन्होंने दावा किया कि वॉशिंगटन का अब दुनिया भर में सम्मान नहीं होता है या उसकी बात नहीं सुनी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान और यूक्रेन सहित आज कई अंतरराष्ट्रीय संकट व्याप्त हैं। अगर वह अभी भी राष्ट्रपति होते तो ऐसा कभी नहीं होता। ट्रंप ने अमेरिका के अंदर राजनीति में आई गिरावट को लेकर भी जो बाइडेन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था ढह गई है। मुद्रास्फीति, आपूर्ति श्रृंखला में आई रुकावट, शेयर बाजार में आई गिरावट के लिए भी उन्होंने बाइडेन प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।

अमेरिका फर्स्ट का नारा, पेलोसी पर हमला
ट्रंप ने कहा कि हमें वैश्विकता की बेड़ियों को फेंकना होगा और दो बहुत महत्वपूर्ण शब्दों को फिर से जोड़ना होगा। आप जानते हैं कि शब्द क्या हैं? अमेरिका फर्स्ट … अगर हम ऐसा करते हैं, तो न केवल हम जो बाइडेन, चक शूमर, क्रेजी नैन्सी पेलोसी को निकाल देंगे। उन्होंने पेलोसी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ताइवान में क्या कर रही थी? वह जो कुछ भी छूती हैं वह बदल जाता है – मैं यह नहीं कहना चाहता … महिला अराजकता लाती है और ठीक यही हो रहा है, अभी चीन में क्या हो रहा है, चीन और ताइवान में क्या हो रहा है। वह उनके हाथों में खेली, क्योंकि अब उनके पास वह करने का बहाना है जो वे कर रहे हैं और मैं आपको बताऊंगा कि ट्रंप के तहत एक लाख वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा,

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