25.2 C
London
Wednesday, May 27, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयश्रीलंका जा रहे चीन के महाशक्तिशाली जासूसी जहाज ने बदला रास्‍ता, भारत...

श्रीलंका जा रहे चीन के महाशक्तिशाली जासूसी जहाज ने बदला रास्‍ता, भारत की चेतावनी का असर?

Published on

कोलंबो

चीन की सेना के महाशक्तिशाली जासूसी जहाज यूआन वांग 5 ने संभवत: अपना रास्‍ता बदल लिया है। ताजा सैटलाइट तस्‍वीरों में इसका खुलासा हुआ है। यह जासूसी जहाज अभी श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह से मात्र 650 समुद्री मील की दूरी पर है। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस अनैलिस्ट Detresfa ने इन तस्‍वीरों के आधार पर बताया कि चीन के जासूसी जहाज ने अपना रास्‍ता भले ही बदल लिया हो लेकिन उसका अंतिम लक्ष्‍य हंबनटोटा पहुंचना ही है। इससे पहले भारत ने इस सैन्‍य जहाज को लेकर श्रीलंका से अपनी चिंता जताई थी।

चीन का यह सैन्‍य शोध करने वाला जहाज बलिस्टिक मिसाइलों को भी ट्रैक कर सकता है। यह जहाज अभी इंडोनेशिया के तट से हंबनटोटा की ओर बढ़ रहा है। करीब 23 हजार टन का यह चीनी जहाज गुरुवार को हंबनटोटा पहुंचना है। इससे पहले भारत सरकार के अनुरोध पर श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने चीन सरकार से कहा था कि वह इस जहाज की यात्रा को अगले विचार विमर्श तक टाल दे। भारत के विरोध चीन भड़क गया था और उसने कहा था कि तीसरे पक्ष को श्रीलंका के साथ सामान्‍य आदान- प्रदान में बाधा नहीं डालना चाहिए।

चीन की सेना पीएलए संचालित करती है यह जासूसी जहाज
भारत लगातार श्रीलंका के अधिकारियों से चीन के जहाज को लेकर दबाव बना रहा है जो फिलहाल अभी हिंद महासागर में मौजूद है। चीन के दूतावास ने श्रीलंका से कहा है कि उसे जवाब देने के पहले बीजिंग से सलाह करना होगा। इस चीनी जहाज में चालक दल के 400 सदस्‍य हैं। इसमें कई शक्तिशाली एंटेना और सेंसर लगे हैं। भारत को डर है कि चीन दक्षिणी भारत के भारतीय प्रतिष्‍ठानों की जासूसी कर सकता है। यही नहीं चीन ओडिसा के तट पर किए जाने वाले मिसाइल परीक्षण की भी निगरानी कर सकता है।

चीन भारतीय मिसाइलों की ठीक-ठीक रेंज का पता लगा सकता है। चीन ने कर्ज नहीं चुकाने पर श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर 99 साल के लिए अपना अधिकार कर लिया था। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन का मानना है कि चीन के युआन वांग जहाज को चीन की सेना पीएलए के स्‍ट्रेटजिक सपोर्ट फोर्स की ओर से संचालित किया जाता है। चीन के इस जहाज को पूर्व राष्‍ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे ने देश से भागने से एक दिन पहले मंजूरी दी थी। उन्‍हें उम्‍मीद थी कि इससे चीन उनकी मदद करेगा।

Latest articles

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार SIR प्रक्रिया को ठहराया वैध, केंद्र को रिपोर्ट भेजने के निर्देश

चुनाव आयोग को विशेष पुनरीक्षण का अधिकार नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को बिहार...

भोपाल में IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने लगाई फांसी, 11वीं की छात्रा थी, जांच में जुटी पुलिस

भोपाल। राजधानी भोपाल के वीआईपी इलाके चार इमली में रहने वाले एक आईपीएस अधिकारी...

मध्यप्रदेश में जमकर तप रहा नौतपा, 16 शहरों में 44 पार पारा, 3 दिन बारिश-आंधी के आसार

भोपाल। मध्यप्रदेश में नौतपा की शुरुआत भले ही आंधी और बूंदाबांदी के साथ हुई...

बीएचईएल के कुछ एजीएम 12 साल से नहीं बन पाये जीएम, अब फिर प्रमोशन की कतार में

केसी दुबे भोपाल यूनिट से कौन बनेंगा जीएम,कॉरपोरेट खंगाल रहा है कुंडली अगले साल कई...

More like this

नीदरलैंड ने लौटाई विरासत, PM मोदी को सौंपीं चोल राजा की 1 हजार साल पुरानी निशानियां, जानें क्या है इनकी खासियत?

एम्सटर्डम। पीएम मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और सभ्यता के लिए...

सीजफायर तोड़ अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की, होर्मुज में 1500 जहाज फंसे

ट्रम्प बोले- डील नहीं की तो और हमले करेंगे तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी सेना ने ईरान...