भोपाल
भेल में बुधवार को नये ईडी विनय निगम की ताजपोशी होगी तो पुराने ईडी एसके बावेजा की विदाई । श्री निगम झांसी यूनिट से भोपाल यूनिट का कार्यभार ग्र्रहण करेंगे । खास बात तो यह है कि झांसी के नये मुखिया के आने तक उनके पास झांसी यूनिट का चार्ज भी रहेगा । वह मंगलवार को भोपाल पहुंच गये हैं । श्री बावेजा का तबादला दिल्ली भेल कॉरपोरेट के फायनेंस में किया गया है । उन्हें दिल्ली कॉरपोरेट कंपनी के खर्चो की कटौती कैसे की जाये इसकी बड़ी जवाबदारी सौंपी है । वह बुधवार को नये ईडी श्री निगम को काम सौंप कर दिल्ली रवाना होंगे ।
गौरतलब है कि भोपाल जैसी बड़ी यूनिट में एक तेज तर्रार मुखिया की जरूरत महसूस की जा रही थी । भोपाल कॉडर के झांसी यूनिट के मुखिया को ईडी पद पर प्रमोशन देकर भोपाल यूनिट में भेज दिया। वह इस यूनिट में कई विभागों में काम कर चुके हैं । श्री निगम ने 1986 में भोपाल यूनिट एक टे्रनीज के रूप में ज्वाईन किया था । वह भोपाल की एमएसीटी के पास आउट हैं ।
उन्होंने इस यूनिट में वक्र्स इंजीनियरिंग विभाग में काम शुरू किया था इसके बाद इलेक्ट्रिकल्स मोटर विभाग का भी काम संभाला। टीसीबी विभाग में काम करते हुये 2017 में महाप्रबंधक बनें । उनके काम करने का तरीका दिल्ली कॉरपोरेट को इतना पंसद आया कि 24 अगस्त 2020 को ही उन्हें भेल की जगदीशपुर यूनिट का मुखिया बना दिया । महज चार माह ही गुजरे थे कि दिल्ली कॉपरपोरेट ने उन्हें फिर से भोपाल यूनिट में जीएम आप्रेशन बनाकर भेज दिया । महत्वपूर्ण जवाबदारी के तहत इस यूनिट के सभी प्रोडक्शन वाले विभाग उन्हें सौंप दिये गये । बेहतर परफारमेंश के चलते उन्हें 20 अगस्त 2021 को झांसी यूनिट में जीएम आप्रेशन बनाकर भेज दिया गया । झांसी के मुखिया के रिटायर होने के बाद 24 अक्टूबर 2022 को इस यूनिट की कमान सौंप दी गई ।
वित्तीय वर्ष 2021-22 को घाटे में चल रही इस यूनिट को न केवल प्राफिट में लाये बल्कि टर्नओवर का भी रिकार्ड बना डाला । फिर क्या था साहब को इसी माह कार्यपालक निदेशक बनाकर न केवल भोपाल यूनिट भेजा गया बल्कि झांसी यूनिट की भी जवाबदारी संभालने का मौका दिया । इसलिये भोपाल यूनिट न केवल बेहतर परफारमेंश करेगी बल्कि हाईड्रो में आर्डर पर होल्ड लगने के बाद भी वित्तीय वर्ष 2022-23 प्रोडक् शन कैसे बढ़ाया जायेगा यह उनके लिये बड़ी चुनौती रहेगी । श्री निगम 2025 तक इस यूनिट के मुखिया रहेंगे ।
