भोपाल
कोरोना काल देश जब ऑक्सीजन को लेकर अफरा तफरी मची थी और कारखाने के ऑक्सीजन प्लांट के बाहर सिलेंडर लेकर लोगों की भीड़ अपनी बारी का जब इंतजार कर रही थी तब भेल भोपाल के ऑक्सीजन प्लांट में 24 घंटे उत्पादन हो रहा था। बस लक्ष्य एक ही था कि अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके। ऐसे में भेल प्रशासन ने अपनी डियूटी निभाते हुये इस विपत्ति से निजात दिलाया । भले ही आज कोरोना संकट न के बराबर है लेकिन भेल प्रशासन मेडिकल आक्सीजन सिलेंडर के प्लांट की क्षमता बढ़ाने लगा है । यही नहीं उसकी कोशिश है कि कभी ऐसा संकट दोबारा ना आये लेकिन ऐतिहात के तौर पर वह अपनी तैयारी में जुटा है ।
गौरतलब है कि भेल के ऑक्सीजन प्लांट ने कस्तूरबा अस्पताल, एम्स, सैनिक अस्पताल, रेलवे अस्पताल, पुलिस अस्पताल सहित प्रदेश और शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में सिलेंडरों की सप्लाई की थी। भेल प्रबंधन अब ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता बड़ाने जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में ऑक्सीजन की कमी न होने पाए। इसका एक प्लांट कस्तूरबा अस्पताल में भी तैयार कर लिया गया है । इससे जरूरत मंदों को पाईप लाईन के जरिये वार्डों में आक्सीजन पहुंचाया जा सके ।
