नई दिल्ली
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अच्छी खबर है। उनके महंगाई भत्ते में यानी डीए (DA) में बढ़ोतरी की जा सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों को अभी 34 फीसदी डीए मिलता है जो बढ़कर 38 फीसदी हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग हुई। सूत्रों के मुताबिक इसमें केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता चार फीसदी बढ़ाने का फैसला किया गया। इस बारे में तीन बजे औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यह बढ़ोतरी 7वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत स्वीकृत फॉर्मूले पर आधारित है।
सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर साल में दो बार अपने कर्मचारियों का डीए तय करती है। जनवरी और जुलाई में डीए संशोधित करती है। जनवरी से डीए में तीन फीसदी का इजाफा किया गया था जिसके बाद यह 34 फीसदी हो गया था। महंगाई को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार इसमें चार फीसदी की बढ़ोतरी कर सकती है। इससे 1.16 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा होगा। अप्रैल में खुदरा महंगाई (retail inflation) आठ साल के रेकॉर्ड पर पहुंच गई थी। इसके बाद इसमें गिरावट आई थी लेकिन अगस्त में यह फिर सात फीसदी पर पहुंच गई। सरकार अपने कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने के लिए डीए में इजाफा करती है।
कितनी बढ़ जाएगी सैलरी
अभी अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 1,8000 रुपये है तो 34 फीसदी के हिसाब से उसे 6,120 रुपये डीए मिलता है। अगर डीए 38 फीसदी हो जाता है तो कर्मचारी को महंगाई भत्ते के तौर पर 6840 रुपये मिलेंगे। यानी उसे 720 रुपये अधिक मिलेंगे। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को 18 महीने यानी एक जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच डीए का भुगतान नहीं किया है। कर्मचारी लंबे समय से इसके भुगतान की मांग कर रहे हैं।
डीए बढ़ने से कर्मचारी के पीएफ और ग्रैच्युटी कंट्रीब्यूशन में भी इजाफा होता है। इसकी वजह यह है कि यह कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए से कटता है। डीए बढ़ने से कर्मचारियों के ट्रांसपोर्ट अलाउंस और सिटी अलाउंस बढ़ने का रास्ता भी साफ होता है। इससे पहले खबर आई थी कि सरकार केंद्रीय कर्मचारियों के एचआरए (HRA) में भी बढ़ोतरी की योजना बना रही है। अभी कर्मचारियों को 27%, 18% और 9% एचआरए मिल रहा है। यह अर्बन, सेमी अर्बन और रूरल सेक्टर के हिसाब से दिया जाता है।
