7.2 C
London
Friday, March 27, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयपहले पाक को F-16 के लिए मदद, अब POK को बताया 'आजाद...

पहले पाक को F-16 के लिए मदद, अब POK को बताया ‘आजाद कश्‍मीर’, आखिर क्‍या चाहता है अमेरिका?

Published on

वॉशिंगटन

इस्‍लामाबाद में अमेरिकी राजदूत डोनाल्‍ड ब्‍लोम के एक ट्वीट ने भारत और अमेरिका के रिश्‍तों पर सवालिया निशान लगा दिया है। ब्‍लोम ने पिछले दिनों पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर यानी पीओके का दौरा किया था। जब वह दौरे से वापस लौटे तो उन्‍होंने पीओके को आजाद कश्‍मीर कहकर संबोधित कर दिया। जबकि वह भारत के हिस्‍से वाला कश्‍मीर है। उनकी इस ट्वीट से बवाल मचा हुआ है। अभी तक अमेरिका ने कश्‍मीर पर किसी का भी पक्ष नहीं लिया है। लेकिन अब इस मामले में अमेरिका के रवैये को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

कश्‍मीर पर यू टर्न
अमेरिका ने हमेशा से ही यह कहा कि कश्‍मीर का मसला द्विपक्षीय वार्ता से ही सुलझाया जा सकता है। लेकिन अब उसने आजाद कश्‍मीर का जिक्र करके एक नई बहस शुरू कर दी है। यह ट्वीट ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्‍तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा अमेरिका के दौरे पर गए हैं। अभी एफ-16 को अपग्रेड करने के लिए पाकिस्‍तान को दी गई अमेरिकी मदद का मसला ठंडा भी नहीं हुआ था कि यह ट्वीट सामने आ गई है। पिछले कुछ दिनों ने अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन जिस तरह से बर्ताव कर रहा है, उससे तो यही लग रहा है कि उसकी मंशा पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी सरकार को खुश करने की है।

क्‍या ये है असली वजह
अमेरिका कहीं न कहीं यह नहीं चाहता कि इमरान खान सत्‍ता में वापसी करें जो अप्रैल में सत्‍ता गंवा चुके हैं। माना जा रहा है कि पिछले दिनों इमरान खान की तरफ से जिस ‘साइफर’ का जिक्र हुआ था, वह इस समय रावलपिंडी में पाकिस्‍तान सेना की हिरासत में है। लेकिन पाकिस्‍तान-अमेरिका के बीच हलचल पर भारत करीब से नजर रखे हुए है। भारत सरकार के सीनियर ऑफिसर्स का मानना है कि अमेरिका और पाकिस्‍तान के बीच रिश्‍ते फिर से मजबूत हो रहे हैं। भारत के पड़ोसी की आदत हमेशा ही बड़े मसलों पर ‘यू’ टर्न लेने की रही है। चाहे वह अल कायदा सरगना अयमान अल-जवाहिरी को शरण देना हो या फिर चीन और अमेरिका के साथ कम समय के लिए फायदा उठाना हो।

क्‍यों अमेरिका के करीब हो रहा पाक
विदेश नीति के जानकार मानते हैं कि अमेरिका और पाकिस्‍तान के रिश्‍ते हमेशा से ही हथियारों की बिक्री पर निर्भर रहे हैं। अपने हथियारों की मेनटेनेंस के लिए पाकिस्‍तान को हमेशा अमेरिका की जरूरत पड़ेगी। जबकि भारत अगर अमेरिका से कोई मिलिट्री हार्डवेयर खरीदता है तो वह टेक्‍नोलॉजी के ट्रांसफर पर जोर देता है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि पाकिस्‍तान को अंतरराष्‍ट्रीय मुद्राकोष से कर्ज के लिए अमेरिका की मदद की जरूरत है।

इससे वह न सिर्फ चीन का कर्ज अदा कर सकेगा बल्कि अपनी अर्थव्‍यवस्‍था की जान भी बचा सकेगा। अमेरिका और पाकिस्‍तान के रिश्‍ते आने वाले दिनों में और गहरे होंगे। अमेरिका की तरफ से मिलने वाली रक्षा मदद ऐसे समय में पाकिस्‍तान को मिली है जब उसे इसकी सबसे ज्‍यादा जरूरत थी। फिलहाल भारत इस पूरे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।

Latest articles

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जोधपुर में रामनवमी शोभायात्रा में हुए शामिल — श्रीराम दरबार की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा गुरुवार को जोधपुर के घंटाघर क्षेत्र में आयोजित भव्य रामनवमी शोभायात्रा...

दादाजी धाम मंदिर में अष्टमी पर माँ महागौरी की भव्य महाआरती

भोपाल रायसेन रोड स्थित पटेल नगर के प्रसिद्ध दादाजी धाम मंदिर में चैत्र नवरात्रि के...

भोपाल: निगम मुख्यालय पर मटका फोड़ प्रदर्शन; पानी के लिए तड़पे हिनोतिया आलम के रहवासी, एक महिला बेहोश

भोपाल राजधानी में गर्मी की दस्तक के साथ ही जल संकट गहराने लगा है। गुरुवार...

विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला उपकरणों की कार्यप्रणाली का किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

सांची कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस में बी.एससी. नर्सिंग प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा प्रयोगशाला...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...

असम में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भरी हुंकार

विधानसभा चुनाव में पार्टी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार...