नई दिल्ली,
Google पर भारत में 936.44 करोड़ रुपये का फाइन लगा है. मंगलवार को CCI ने दिग्गज टेक कंपनी पर ये फाइन लगाया है. गूगल पर ये फाइन अपने दबदबे का गलत इस्तेमाल करने की वजह से लगाया गया है. सीसीआई ने गूगल पर एंटीकंपटीशन प्रैक्टिस को बंद करने के लिए कहा है. इसके अलावा CCI ने कहा है कि ऐप डेवलपर्स को सीधा ग्राहकों से जुड़ने की इजाजत और ऑफर प्रमोशन से भी ना रोका जाए. पिछले हफ्ते भी गूगल पर CCI ने एंटी-कंपटीशन प्रैक्टिस की वजह से एक अन्य मामले में 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था.
दो मामले में भारत में लगा है फाइन
CCI ने ये फाइन एंड्रॉयड सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत फायदा उठाने की वजह से लगा था. गूगल पर दो अलग-अलग मामलों में ये फाइन लगाए गए हैं. हालांकि, दोनों ही मामले एंट्री-कंपटीशन प्रैक्टिस से जुड़े हुए थे.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने पहले ही गूगल को अनुचित कारोबारी गतिविधियों को रोकने के लिए कहा था. साथ ही एक तय समय सीमा में समाधान भी खोजने का निर्देश दिया था.
दूसरी कंपनियों को भी भेजा गया है नोटिस
जानकारी के मुताबिक भारत में सिर्फ गूगल ही नहीं दूसरी कंपनियों को भी अपने दबदबे का फायदा उठाने की नोटिस भेजा गया था. गूगल, ऐपल, ऐमेजॉन, नेटफ्लिक्स और माइक्रोसॉफ्ट को एंटी-कंपटीशन प्रैक्टिस मामले में नोकिस भेजा जा चुका है.
भारत की तरह ही अन्य देशों में भी इन कंपनियों को अपनी मजबूत स्थिति का फायदा उठाने पर फाइन लगा चुका है. हाल में ही ऐपल पर बॉक्स में चार्जर नहीं देने पर फाइन लगाया था. ब्राजील की अदालत ने ऐपल पर दो करोड़ डॉलर का जुर्माना बॉक्स में चार्जर नहीं देने की वजह से लगाया था. वहीं कोर्ट ने ऐपल को बॉक्स में चार्जर देने के लिए भी कहा है. इस तरह से गूगल पर अपने कंपटीशन को खत्म करने का आरोप पहले भी लगता रहा है.
