कानपुर,
कानपुर के निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कन्नौज की 12 वर्ष की मासूम बच्ची की मां का दर्द छलका है. उन्होंने कहा कि बेटी के साथ हैवानियत की कोशिश करने का आरोपी अभी तक पकड़ा नहीं गया. हम लोग मुस्लिम हैं, आरोपी हिंदू है. इसीलिए पुलिस ढीली है. अगर वह मुस्लिम होता, तो उसके घर पर अब तक बुलडोजर चल जाता. मैं अपने जेवर बेचकर बच्ची का इलाज करा रही हूं.
बताते चलें कि मामला कन्नौज के तिरवा इलाके का है. यहां रविवार को एक बच्ची सरकारी गेस्ट हाउस के परिसर में खून से लथपथ और दर्द से कराहते हुए मिली थी. उसे पुलिस चौकी प्रभारी मनोज पांडेय ने तुरंत मौके पर पहुंचकर अस्पताल पहुंचाया था. बाद में बच्ची को इलाज के लिए कानपुर के हैलट हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया.
चंदा मांगकर इलाज करवा रहा है परिवार
बच्ची की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रीजेंसी में एडमिट कराया गया. बच्ची फिलहाल आईसीयू में है, जहां उसकी हालत नाजुक है. डॉक्टरों का पूरा पैनल उसके इलाज में लगा है. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हम बालिका की स्थिति के बारे में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं.परिवार का कहना है कि अब तक हम इलाज के लिए 40 हजार रुपए जमा कर चुके हैं. इलाज के लिए और पैसों की जरूरत है, लिहाजा हम चंदा मांग रहे हैं. प्रशासन को हमारी मदद करनी चाहिए.
सीसीटीवी में बच्ची के साथ दिखा था एक युवक
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने बताया, ‘गेस्ट हाउस के गार्ड ने बच्ची को खून से लथपथ और दर्द से कराहती देखा, तो पुलिस को सूचना दी. घटना के बाद गेस्ट हाउस में लगे एक कैमरे से सीसीटीवी फुटेज निकाले गए हैं. इसमें एक युवक नाबालिग से बात करता नजर आ रहा है.उन्होंने आगे कहा, “युवक की पहचान की जा रही है. लड़की रविवार को गुल्लक खरीदने के लिए घर से निकली थी. मगर, वह जब काफी देर होने के बाद भी घर नहीं लौटी, तो उसके परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. इसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया था.”
मानवीयता हुई शर्मसार
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो मानवीयता को शर्मसार करने वाला है. बच्ची इशारे में मदद की गुहार लगा रही है. मगर, राहगीर घायल नाबालिग की मदद करने की बजाय उसका अलग-अलग एंगल से वीडियो बना रहे थे. बाद में वीडियो में एक पुलिसकर्मी गोद में लड़की को उठाता है और फिर ऑटो रिक्शा में अस्पताल ले जाते हुए दिखता है.
