नई दिल्ली
दिल्ली में अब छठ पूजा को लेकर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं। एलजी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भ्रामक और समय से पहले प्रचार करने से बचने की हिदायत दी है। अब पलटवार करते हुए आप ने कहा है कि एलजी अपनी कुर्सी की गरिमा को कम कर रहे हैं। पार्टी ने कहा, ‘हम एलजी द्वारा माननीय मुख्यमंत्री के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा का कड़ा विरोध करते हैं। वह रोजाना सार्वजनिक रूप से सीएम को गाली देकर अपनी कुर्सी की गरिमा को कम कर रहे हैं। सीएम एक निर्वाचित प्रतिनिधि हैं जो लगातार तीसरी बार निर्वाचित हुए हैं। एलजी के पास सार्वजनिक तौर पर रोजाना सीएम को फटकारने के अलावा कोई काम नहीं है।’
आप ने एलजी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह सस्ते प्रचार के भूखे हैं और रोज अखबारों में अपना नाम देखना चाहते हैं। इससे पहले, एलजी कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया था कि एलजी द्वारा निर्धारित घाटों पर छठ पूजा आयोजित करने की अनुमति दी गई है। जबकि केजरीवाल ने ट्वीट किया है कि यमुना नदी के किनारे कहीं पर भी पूजा की जा सकती है, इससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है।
दिल्ली सरकार ने कहा था कि वह इस साल 1100 घाटों पर छठ पूजा का आयोजन करेगी। इसके लिए सरकार ने छठ पर लाखों श्रद्धालुओं को पूजा की सुविधा प्रदान करने के लिए 25 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। वहीं समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए दिल्ली के राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, ‘दिल्ली में रहने वाले यूपी और बिहार के लाखों लोगों की धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताओं और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए, सीएम केजरीवाल ने यमुना नदी के किनारे विभिन्न घाटों पर छठ पूजा मनाने की अनुमति देने के मेरे प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।’
उन्होंने आगे कहा कि सरकार करीब 1100 घाटों पर श्रद्धालुओं को सुविधा मुहैया कराने के लिए तैयार है। हालांकि, एलजी ने राजस्व और पर्यावरण विभागों को यमुना में प्रदूषण के संबंध में एनजीटी के आदेशों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। मंत्री ने कहा, ‘दिल्ली सरकार ने घाटों के निर्माण, उन स्थानों के आसपास साफ-सफाई सुनिश्चित करके जहां भक्तों द्वारा प्रसाद चढ़ाया जाना है, इस पर्व को हमेशा सुविधाजनक बनाया है। इस साल भी प्रशासन सभी 1100 घाटों पर श्रद्धालुओं को सुविधाएं प्रदान करने के लिए तैयार है।’
उन्होंने कहा, ‘इससे पहले, यमुना नदी के पास पूजा घाटों के निर्माण और ऐसे घाटों पर भक्तों द्वारा प्रसाद चढ़ाए जाने को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी, जिससे नदी में प्रदूषण हो सकता है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा जारी विभिन्न आदेश और निर्देश एवं स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन द्वारा जारी निर्देश, सरकार के ध्यान में लाए गए थे।’ बता दें कि यमुना में दिखने वाला झाग दिल्ली की एक बड़ी समस्या है। हर साल इस बात पर तब ज्यादा चिंता व्यक्त की जाती है जब सफेद झाग के बीच छठ पूजा करते लोगों की तस्वीरें सामने आती हैं।
