मुंबई:
राज्य की एकनाथ शिंदे- फडणवीस सरकार को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि यह सरकार बहुत जल्द गिर जाएगी। नाना पटोले के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार के दोनों दलों के विधायकों के बीच में भारी असंतोष है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण रवि राणा और बच्चू कडू के बीच में चल रहा मौजूदा सियासी संघर्ष है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से रवि राणा ने बच्चू कडू और अन्य समर्थक विधायकों पर आरोप लगाया है, वह जांच के काबिल है। रवि राणा के इस बयान के बाद लोगों के मन में भी यह सवाल पैदा हो चुका है कि क्या वाकई में 50 करोड़ लेकर बच्चू कडू या अन्य विधायकों ने बीजेपी को अपना समर्थन दिया था। इस मामले में नाना पटोले ने कहा कि न सिर्फ अमरावती बल्कि राज्य के कई हिस्सों में इसी तरह का संघर्ष दोनों दलों के विधायकों के बीच में है। इतना ही नहीं चाहे बीजेपी (BJP) हो या फिर एकनाथ शिंदे गुट, दोनों के विधायकों में भी खासी नाराजगी है। कई विधायक जो मंत्री पद की चाह में शिवसेनासे बगावत कर एकनाथ शिंदे के साथ जुड़े थे। आज वह खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
क्या बोले नाना पटोले?
नाना पटोले ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए एकनाथ शिंदे- फडणवीस सरकार पर जमकर निशाना साधा। बच्चू कडू और रवि राणा प्रकरण में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई। पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र में जिस नई सरकार का गठन हुआ है। वह संवैधानिक मार्ग से नहीं आई है, यह एक संवैधानिक सरकार है। सिर्फ महाराष्ट्र के अमरावती ही नहीं बल्कि राज्य की अन्य जगहों पर भी विद्रोह की आवाज उठ रही है। इसलिए जल्द ही इस सरकार का अंत होगा।
क्या है मामला
महाराष्ट्र में 50 खोखे (50 करोड़ ) की लड़ाई को लेकर विधायक रवि राणा और पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक बच्चू कडू के बीच में ठनी हुई है। विधायक रवि राणा ने यह आरोप लगाया है कि बच्चू कडू और उनके समर्थक विधायकों ने 50 खोखे यानी 50 करोड़ लेकर शिंदे-बीजेपी सरकार को अपना समर्थन दिया है। रवि राणा की इसी बात पर बच्चू कडू भड़क उठे हैं। उनका कहना है कि या तो सबूत दो वरना माफी मांगो। इस बात की शिकायत बच्चू कडू ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी की है। हालांकि, दोनों ही आला नेताओं की तरफ से बच्चू कडू को यह आश्वासन दिया गया कि वह रवि राणा से बात करेंगे और उन्हें समझाएंगे। बावजूद इसके बच्चू कडू का आरोप है कि रवि राणा लगातार इस तरह के बयान दे रहें हैं।
इतने सालों की मेहनत पर बदनामी का दाग
बच्चू कडू ने कहा कि खाया पिया कुछ नहीं और ग्लास तो तोड़ा बाहर आने जैसी कहावत मेरे साथ हुई है। मैंने ग्राम पंचायत सदस्य से लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनने तक का सफर तय किया है। यह सब कुछ एक दिन में नहीं हुआ है। इसके लिए 25-30 साल की मेहनत लगी है। इस पूरी मेहनत पर रवि राणा ऐसा एक व्यक्ति आकर 50 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाता है तो यह मेरे लिए शर्म की बात है। रवि राणा के इन आरोपों से मेरी छवि खराब हो रही है और इस मामले में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की तरफ से कोई कार्रवाई भी होती हुई नजर नहीं आ रही है।
ऐसे में मेरे पास सरकार को अल्टीमेटम देने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है। बच्चू कडू ने कहा कि सवाल मेरे मंत्री पद का नहीं है। मंत्री पद मिले या न मिले यह बात उतनी महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि मेरा अस्तित्व रहेगा या नहीं। अगर मैं या मेरा अस्तित्व ही नहीं रहेगा तो मंत्री पद का क्या फायदा।
