जयपुर।
भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी और औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के साथ निवेश, रोजगार, कौशल विकास और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
राजस्थान बनेगा सेमीकंडक्टर हब
सरकार का लक्ष्य राजस्थान को देश में सेमीकंडक्टर निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है। नीति के तहत OSAT, ATMP और सेंसर जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित किया जाएगा, जिससे उच्च तकनीक आधारित उद्योगों का विकास होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पूरी वैल्यू-चेन को मिलेगा बढ़ावा
यह नीति केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुसंधान, डिजाइन, निर्माण, परीक्षण और पैकेजिंग सहित पूरी वैल्यू-चेन को कवर करती है। जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य क्लस्टरों को सेमीकंडक्टर कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां उद्योगों को सिंगल विंडो सिस्टम के तहत भूमि और आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन
नीति में निवेश को आकर्षित करने के लिए कई रियायतें दी गई हैं। इसमें 7 वर्षों तक बिजली शुल्क में 100 प्रतिशत छूट, स्टाम्प शुल्क और भू-रूपांतरण शुल्क में 75 प्रतिशत तक छूट तथा पूंजीगत निवेश पर अनुदान शामिल हैं। इसके अलावा टर्म लोन पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का प्रावधान भी किया गया है।
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पर्यावरण संतुलन पर भी जोर
औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत पर्यावरणीय परियोजनाओं की लागत का 50 प्रतिशत पुनर्भरण और नवीकरणीय ऊर्जा आधारित परियोजनाओं को विशेष रियायतें दी जाएंगी।
