भोपाल। बीएचईएल भोपाल में नई भर्ती कामगारों (आर्टिजनों) के हितों और वेतन विसंगतियों को लेकर ऑल इंडिया बीएचईएल एम्प्लॉइज यूनियन (ऐबू) संबद्ध निफ्टू ने मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को प्रबंधन से मुलाकात कर नई भर्ती आर्टिजनों के वेतन पुनरीक्षण की पुरजोर मांग उठाई। यूनियन के इकाई महासचिव एवं निफ्टू के प्रदेश अध्यक्ष रामनारायण गिरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जीएम (एचआर) टीयू सिंह एवं एजीएम (एचआर-आईआर) सुरेखा बंछोर को ज्ञापन सौंपा।
यह ज्ञापन बीएचईएल के निदेशक (पॉवर एवं मानव संसाधन) तजिंदर गुप्ता के नाम प्रेषित किया गया है। यूनियन ने रेखांकित किया कि आर्टिजनों को दी जाने वाली समेकित मासिक राशि (कंसोलिडेटेड वेजेस) का अंतिम संशोधन अप्रैल 2011 में हुआ था। पिछले 15 वर्षों से इसमें कोई बदलाव न होने के कारण कर्मचारियों में असंतोष है। ज्ञापन में प्रमुखता से मांग की गई कि एक वर्ष की अस्थायी सेवा अवधि के दौरान मिलने वाले वेतन को आर्टिजन A2 ग्रेड के ‘बेसिक पे’ के बराबर किया जाए।
रामनारायण गिरी ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न इकाइयों में अलग-अलग दरों पर भुगतान किया जा रहा है, जो “एक बीएचईएल, एक वेतन” के सिद्धांत के विरुद्ध है। यूनियन ने सभी इकाइयों में समान एवं न्यायसंगत वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की ताकि कर्मचारियों का मनोबल बना रहे। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के कोषाध्यक्ष विशाल वाणी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रोहित कुमार एवं सह-कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र गुप्ता मुख्य रूप से शामिल रहे। यूनियन ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि नई भर्ती कर्मचारियों की कार्य संतुष्टि के लिए वेतन पुनरीक्षण अनिवार्य है और इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए।
