8.6 C
London
Monday, March 30, 2026
Homeराज्यकेरल में NEET परीक्षा देने पहुंचीं छात्राएं, तो अंडरगारमेंट उतारने के लिए...

केरल में NEET परीक्षा देने पहुंचीं छात्राएं, तो अंडरगारमेंट उतारने के लिए किया गया मजबूर

Published on

तिरुवनंतपुरम

केरल के कोल्लम जिले के चादयामंगलम के माथोर्मा इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में इस साल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) देने पहुंची लड़कियों को शमिंर्दगी और अपमान का सामना करना पड़ा। परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले निरीक्षकों ने उन्हें अपने अंडरगारमेंट्स को हटाने के लिए मजबूर किया। जब तलाशी प्रक्रिया के मेटल डिटेक्शन चरण में उन्हें अपने अंडरक्लॉथ हटाने के लिए मजबूर किया गया तो सौ से अधिक छात्राओं को अपमान का सामना करना पड़ा। छात्राओं ने कहा कि उन्हें परीक्षा देने से पहले मनोवैज्ञानिक आघात सहना पड़ा। नीट के कोड के अनुसार विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में किसी भी धातु की वस्तु पहनने की अनुमति नहीं है। जूते की भी अनुमति नहीं है। चप्पल और सैंडल पहन सकते हैं।

मामले में कोल्लम जिले के सूरनाड की एक छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी बेटी आठवीं कक्षा से ही नीट की तैयारी कर रही थी, लेकिन इस घटना ने उसके सपनों को चकनाचूर कर दिया। शिकायत के बाद चादयमंगलम पुलिस ने केस दर्ज कर 19 जुलाई को पांच महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए लोगों में मार्थोमा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के दो कर्मचारी और निजी एजेंसी के तीन कर्मचारी शामिल हैं।

छात्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि 100 से अधिक छात्राओं ने मामले में चुप्पी साधे रखी। उनकी अंडरगारमेंट परीक्षा हॉल के बाहर एक टोकरी में फेंक दी गई। वह अपने अंडरक्लॉथ के बिना परीक्षा देने के लिए शर्मिंदा थी। एनईईटी आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि परीक्षा में अंडरगारमेंट्स को हटाया जाए। दिलचस्प बात यह है कि एनटीए की ओर से परीक्षा ड्यूटी के लिए नियुक्त सुरक्षा कर्मचारियों को इस तरह की परीक्षा के दौरान छात्राओं को होने वाले मानसिक आघात के बारे में पता नहीं था।

केरल के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. आर. बिंदू ने व्यक्तिगत रूप से इस मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से शिकायत की थी और बाद में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने भी इस मुद्दे को उठाया था। केरल के एक सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर सुभद्रा एन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं होंगी। परीक्षा सेंटर पर नियुक्ति सुरक्षा कर्मचारियों को बुनियादी न्यूनतम जानकारी होनी चाहिए। उन्हें यह ज्ञान होना चाहिए कि विद्यार्थियों के भविष्य के लिए ये परीक्षाएं कितनी महत्वपूर्ण हैं और इसके लिए उन्होंने वर्षों कड़ी मेहनत की है। उन्होंने कहा कि शिक्षाविदों और परीक्षा के मामलों के प्रभारी को परीक्षा की उचित जांच करनी चाहिए और नीट परीक्षा केंद्रों में सभी अवांछित प्रावधानों को खत्म करना चाहिए।

Latest articles

प्रशिक्षण से व्यक्तित्व का उत्कर्ष, राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : राज्यमंत्री श्रीमती गौर

प्रशिक्षण अभियान सशक्त भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी है: प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल भोपाल:...

भोपाल में सूखे कचरे से बनेगा कोयला, आदमपुर छावनी में 220 करोड़ का चारकोल प्लांट शुरू

भोपाल राजधानी में अब सूखे कचरे से कोयला तैयार किया जाएगा। इसके लिए आदमपुर छावनी...

भंडारा खाकर लौट रहे युवक को बस ने कुचला, मौके पर मौत

भोपाल राजधानी के एमपी नगर इलाके में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। गायत्री...

एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगी लंग ट्रांसप्लांट सुविधा, मरीजों को दूसरे शहर नहीं जाना पड़ेगा

भोपाल एम्स भोपाल में जल्द ही फेफड़ा प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) की सुविधा शुरू होने जा...

More like this

राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026 जारी, निवेश और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

जयपुर। भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ‘‘राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2026’’ जारी कर तकनीकी...

बीएचईएल हरिद्वार नाम किया रोशन,‘शौर्य’ गुणता चक्र को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम स्थान

हरिद्वारभारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार की हीप इकाई के अंतर्गत न्यू ब्लेड शॉप...

हर घर जल’ की दिशा में राजस्थान का ऐतिहासिक कदम, JJM 2.0 में एमओयू करने वाला देश का पहला राज्य बना

जयपुर । प्रदेश ने ‘हर घर जल’ के लक्ष्य को नई गति देते हुए एक...