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1-2 दिन की बात थी, महीना बीता, ऐक्शन लो; पायलट कैंप का हाईकमान पर दबाव

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जयपुर

सैनिक कल्याण राज्य मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने एक बार फिर सनसनीखेज बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आलाकमान राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर जल्द अपना फैसला जल्द सुनाएं। गुढा ने कहा कि करीब 1 महीने पहले मुख्यमंत्री की कुर्सी को लेकर प्रदेश कांग्रेस में घमासान मचा था। उसके बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक-दो दिन में मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करने की बात कही थी। आज उस बात को एक महीना बीत चुका है। इसके बावजूद भी आलाकमान की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया। गुढा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की दुविधा को दूर करने के लिए आलाकमान को जल्द अपना फैसला सुनाना चाहिए।

धारीवाल, जोशी और राठौड़ को करें बर्खास्त : राजेंद्र गुढा
गुढ़ा ने यह भी कहा कि आलाकमान के खिलाफ बगावत करने वाले करने के लिए उकसाने वाले तीन नेताओं शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ को नोटिस जारी किए गए थे। 10 दिन में नोटिस का जवाब दिया जाना था और उसके बाद उस पर कार्रवाई होनी थी लेकिन एक महीना गुजरने के बाद भी इन तीनों नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। राजेंद्र सिंह गुढा ने कहा कि इन तीनों नेताओं को तुरंत पार्टी से बर्खास्त करना चाहिए। इन्हीं नेताओं के उकसाने पर कांग्रेस के विधायकों ने विधायक दल की बैठक का बहिष्कार किया था।

आलाकमान की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
राजेंद्र सिंह गुढा ने कहा कि इतने गंभीर विषय को लंबे समय तक पेंडिंग रखने से आलाकमान की विश्वसनीयता पर संभाल उठते हैं। चूंकि 29 सितंबर को केसी वेणुगोपाल ने सार्वजनिक रूप से बयान दिया था कि एक-दो दिन में राजस्थान के मुख्यमंत्री के बारे में फैसला करेंगे। इस बात को 1 महीने से ज्यादा का समय हो गया। कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता अभी असमंजस की स्थिति में है कि प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व कौन करेगा। ज्यादा समय तक यह मामला लंबित रहने पर कार्यकर्ताओं के मन में आलाकमान के प्रति अविश्वास का भाव उत्पन्न हो रहा है।

डोटासरा की नसीहत का नहीं पड़ रहा कोई फर्क
उल्लेखनीय है कि एक महीने शांति रहने के बाद कांग्रेस की कलह फिर बढ़ती जा रही है। हाल ही पायलट खेमे के परबतसर विधायक रामनिवास गावडिया ने आरटीडीसी चेयरमैन और गहलोत के करीबी माने जाने वाले धर्मेंद्र राठौड़ के खिलाफ बयानबाजी की थी। इसके बाद राठौड़ ने भी इस बयान पर पलटवार किया था। अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट गुट के बीच बढ़ती तकरार के बीच राजस्थान कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को चेतावनी भरे अंदाज में यह बयान देना पड़ा था कि कोई भी पार्टी को कमजोर करने का काम नहीं करे, लेकिन अब राजस्थान में चल रहे सियासी संकट पर राजेंद्र गुढ़ा के बयान ने साफ कर दिया है कि पार्टी ने नेताओं पर उनकी बात का कोई असर नही हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की चल रही इस सियासत को राजेंद्र गुढ़ा ने बयान ने नई हवा दे दी है।

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