8.9 C
London
Wednesday, April 1, 2026
Homeअंतरराष्ट्रीयचीन के लिए आतंकवाद बन रहा चुनौती, पाकिस्तान नहीं दे पा रहा...

चीन के लिए आतंकवाद बन रहा चुनौती, पाकिस्तान नहीं दे पा रहा सुरक्षा, CPEC को अफगानिस्तान तक बढ़ाने से बच रहा ड्रैगन

Published on

बीजिंग

चीन ने पाकिस्तान के साथ मिल कर अपने आर्थिक गलियारे के विस्तार का जो सपना देखा था वह पूरा होता नहीं दिख रहा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के संकल्प करने के बावजूद पाकिस्तान CPEC के विस्तार का काम अफगानिस्तान में नहीं कर पा रहा है। पाकिस्तान के सुरक्षा न दे पाने के कारण इसमें देरी हो रही है, जिससे चीन असंतुष्ट है। जियोपॉलिटिक की रिपोर्ट के मुताबिक चीन के CPEC का विस्तार अगर अफगानिस्तान में होता है तो इससे चीन को उसी तरह की आतंकी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा जो वह अभी पाकिस्तान में झेल रहा है।

अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचा कमजोर है और निवेश को अवशोषित करने की कम क्षमता है। साथ ही तालिबान शासन को विरोध करने वाले इस्लामी समूहों जैसे IS से बड़ा खतरा है। सिंगापुर के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में दक्षिण एशियाई अध्ययन संस्थान में शोध विश्लेषक क्लाउडिया चिया यी एन  ने कहा, ‘तालिबान को शुरू से चीनी निवेश की उम्मीद थी। लेकिन यह पूरा नहीं हो सका है। चीन लगातार निवेश के लिए अनिच्छुक है।’

क्या है चीन की चिंता
उन्होंने अफगानिस्तान के चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट के उपाध्यक्ष खान जान अलोकोज़े का हवाला देते हुए कहा कि चीन की सबसे बड़ी चिंता है कि अफगानिस्तान में कई जगह बड़े कबायली क्षेत्र हैं, जहां सरकार का नियंत्रण नहीं है। इन इलाकों का उपयोग आतंकियों को प्रशिक्षित करने के लिए किया जाता है। अफगानिस्तान तक अपना तेल बेचने के लिए भी रूस को इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। अफगानिस्तान से अमेरिका के निकलने के बाद चीन और रूस दोनों ही इस खाली जगह को भरना चाहते हैं। रूस एक मौजूदा व्यापार भागीदार है तो चीन अफगानिस्तान के उन संसाधनों का पता लगाना चाहता है जो खोजे नहीं गए हैं।

आतंकवाद के कारण बढ़ी चिंता
दोनों देश अफगानिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध रखना चाहते हैं, लेकिन कोई भी तालिबानी सरकार के साथ राजनयिक संबंधों को बढ़ाने का इच्छुक नहीं है। अमेरिका के अफगानिस्तान से निकलने के बाद अब रूस को भी आतंकवाद की चिंता है। पुतिन ने पड़ोसी देशों के जरिए हमले के प्लानिंग की चिंता जताई है। इस्लामिक स्टेट ने कथित तौर पर रूस के खिलाफ अपना प्रोपोगेंडा बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक स्टेट ने रूस को इस्लाम का दुश्मन और क्रूसेडर बताया है। चिंताएं तब और बढ़ गईं जब तालिबान के सत्ता में आने के बाद पहली बार सितंबर में रूसी दूतावास के सामने आत्मघाती बॉम्बिंग हुई। कथित तौर पर हमला इस्लामिक स्टेट ने किया था।

Latest articles

Haldi Jeera Water: वजन घटाने में बेहद कारगर है हल्दी-जीरे के पानी, बनाना भी बहुत आसान

Haldi Jeera Water: किचन में रखे कुछ मसालों का इस्तेमाल सिर्फ खाने के स्वाद...

भेल के प्रेस शॉप में ठेका मजदूर घायल

भेल कारखाने के प्रेस शॉप में एक दुर्घटना हो गई है जिसमें एक ठेका...

एक जिला एक उत्पाद’ नीति से राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने...

मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका ‘आभास’ अंक-05 का विमोचन

भोपाल मानव संसाधन विभाग की ई-पत्रिका आभास के अंक-05 का विमोचन महाप्रबंधक (मानव संसाधन) ठाकुर...

More like this

इराक से अमेरिकी और नाटो (NATO) सेना की ‘घर वापसी’! क्या ईरान के डर से खाली किए गए सैन्य ठिकाने?

मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के...