नई दिल्ली
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर की कमान संभालते ही एलन मस्क ने एक झटके में करीब 3800 कर्मचारियों को बाहर कर दिया था। मस्क इतने पर ही नहीं रुके। अब उन्होंने कंपनी के 4,400 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को निकालना शुरू कर दिया है। कंपनी में ऐसे कुल 5,500 कर्मचारी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्विटर ने इन कर्मचारियों को कोई नोटिस नहीं दिया है। उन्हें ऑनलाइन सर्विसेज और ईमेल का एक्सेस नहीं दिया जा रहा है। मैनजरों को भी तब पता चल रहा है जब उनके वर्कर्स सिस्टम में नहीं आ पा रहे हैं। कई वर्कर्स का दावा है कि नोटिस के बिना उनका एक्सेस बंद कर दिया गया है।
Platformer के Casey Newton ने ट्वीट किया, ‘कॉन्ट्रैक्टर्स को इस बारे में नोटिफाई नहीं किया जा रहा है। कंपनी के कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को Slack और ईमेल का एक्सेस नहीं दिया जा रहा है। मैनेजर्स को भी तब पता चला जब वर्कर्स सिस्टम से गायब हो गए। वर्कर्स को लीडर्स की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिल रही है।’ एक मैनेजर ने कंपनी के इंटरनल स्लैक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया, मेरे एक कॉन्ट्रैक्टर को बिना नोटिस के डीएक्टिवेट कर दिया गया है। यह तब किया गया जबकि हम चाइल्ड सेफ्टी वर्कफ्लोज पर अहम बदलाव कर रहे थे।’
एक्शन में एलन मस्क
मस्क ने पिछले महीने के अंत में ट्विटर को खरीदने की डील पूरी की थी। इसके साथ ही वह एक्शन में आ गए थे। पहले उन्होंने कंपनी के भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल समेत कई अधिकारियों को बाहर किया और फिर बोर्ड को भंग करके कमान पूरी तरह अपने हाथ में ले ली। ट्विटर के दुनियाभर में करीब 7500 कर्मचारी थे जिनमें से करीब 3,800 कर्मचारियों को निकाल दिया गया है। भारत में तो कंपनी ने अपने 90 फीसदी कर्मचारियों को बाहर कर दिया था। Platformer और Axios के मुताबिक कंपनी अब कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों को निकाल रही है।
