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Thursday, May 14, 2026
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गहलोत-पायलट विवाद का कैसे होगा अंत? इन दो नेताओं के बयान से मिला हिंट

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जयपुर

राजस्थान कांग्रेस में कुछ दिनों के लिए शांत रहा सियासी ‘बवंडर’ फिर उठ गया है। इस विवाद को अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को गद्दार कह कर हवा दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के वक्त पार्टी आलाकमान ने दोनों नेताओं को समझाते हुए बेवजह बयानबाजी न करने की हिदायत दी थी। लेकिन अब राज्य में कांग्रेस एक बार फिर दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। गहलोत गुट और पायलट कैंप के नेता एक दूसरे पर जुबानी हमला बोल रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी को राज्य में सेफ रखने के लिए पार्टी अध्यक्ष को कोई न कोई फैसला अब लेना होगा। इस बात के संकेत पार्टी संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश दे चुके हैं।

‘लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए दूर करेंगे मतभेद’
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेदों से उत्पन्न राजस्थान संकट के बारे में बात करते हुए केसी वेणुगोपाल ने आज कहा कि इस मुद्दे को एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर मतभेद होते हैं। कभी-कभी, यह बाहर आ जा जाते हैं। राजस्थान भी एक ऐसा राज्य है जहां मतभेद सामने आ रहे हैं। इस मतभेद को हम लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए दूर करेंगे। राजस्थान में जो मतभेद हैं, उनका सौहार्दपूर्ण समाधान होगा।

‘पार्टी के हित में लिया जाएगा फैसला’
वेणुगोपाल से पहले जयराम रमेश ने एमपी में कहा था कि पार्टी के लिए संगठन सर्वोपरि है। ऐसे में अगर संगठन के हित में पार्टी को कड़े फैसले करने पड़े तो वह उससे पीछे नहीं हटेगी। अगर गहलोत और पायलट के गुटों के बीच इसी तरह समझौता कराया जाना है, तो समझौता कराया जाएगा। उनका का कहना था कि राजस्थान में जो चल रहा है, उसके हल को लेकर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व मंधन कर रहा है। इसे लेकर जो भी हल निकाला जाएगा, वो संगठन को ध्यान में रखते हुए होगा, व्यक्तियों को ध्यान में रखकर नहीं। हालांकि समय सीमा पर रमेश ने कहा कि इसका फैसला हाईकमान करेगी।

राहुल की यात्रा से पहले हो सकता है खींचतान का हल
सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर में राहुल गांधी की राजस्थान में एंट्री होगी। राज्य में इस यात्रा को सफल बनाने के लिए पार्टी के सभी नेताओं का एकजुट होना जरूरी है।ऐसे में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चल रही खींचतान का हल राहुल के आने से पहले हो सकता है। माना जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल जब 29 नवंबर को राजस्थान में होंगे, तब दोनों गुट के नेता उनके सामने अपनी बात रखते हुए किसी फैसले की मांग कर सकते हैं।

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