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जर्मन सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश, खुद ‘राजा’ बनने की कोश‍िश, जानें कौन हैं राजकुमार हेनरिक

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बर्लिन

जर्मनी की पुलिस ने बुधवार को ऐसे 25 लोगों को गिरफ्तार किया है जो सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश कर रहे थे। पुलिस की मानें तो इन कट्टरपंथियों में से हेनरिक तृतीय नाम का एक शख्‍स भी शामिल है। इन लोगों को गिरफ्तार करने के लिए 3000 अधिकारियों ने जर्मनी के 16 राज्यों में से 11 में 130 ठिकानों पर छापेमारी की थी। जर्मनी के न्याय मंत्री मार्को बुशमैन ने छापेमारी को ‘आतंकवाद विरोधी अभियान’ बताया। उन्होंने कहा था कि इस बात का शक है कि संदिग्धों ने देश के संस्थानों पर सशस्त्र हमले की साजिश रची थी। टॉप सिक्‍योरिटी ऑफिसर की मानें तो ये लोग हिंसक तख्तापलट का मंसूबा और षड्यंत्रकारी विचारधाराओं से प्रेरित थे। ग्रुप के कुछ सदस्यों ने युद्ध के बाद अस्तित्व में आए जर्मनी के संविधान को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और सरकार को सत्ता से बाहर करने का अपील भी की।

22 सदस्‍य गिरफ्तार
अभियोजकों ने बताया कि जर्मनी के 25 नागरिकों को ‘एक आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के संदेह में हिरासत में लिया गया है। अन्य तीन लोगों में एक रूसी नागरिक भी शामिल है जिन पर संगठन की मदद करने का संदेह है। पत्रिका ‘डेर स्पिगल’ की खबर के अनुसार, जर्मनी के विशेष बलों की इकाई केएसके के दक्षिण-पश्चिमी शहर काल्व के बैरक की भी तलाशी ली गई। हालांकि, अभी तक जांचकर्ताओं की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है और न ही इससे इनकार किया गया है। समूह के कुछ सदस्यों ने एक छोटे सशस्त्र समूह के साथ जर्मनी की संघीय संसद पर हमला करने की साजिश रची थी।

खतरनाक साजिश
बीबीसी की रिपोर्ट की मानें तो इन लोगों ने ‘डे एक्‍स’ की तैयारी की थी। इनकी मंशा रैहस्टाग संसद भवन और सत्ता पर कब्जा करने की थी। हेन‍रिक तृतीय जो जर्मनी के एक पुराने रईस परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं, उन पर इस साजिश में शामिल होने का आरोप है। रीच्सबर्गर समूह नया नहीं है और महामारी के पहले से सक्रिया था।

जिस समय महामारी का आगाज हुआ तो उस समय समूह ने अप्रैल में जर्मनी के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री का अपहरण करने की साजिश रची थी। टेलीग्राम ग्रुप पर रीक के नागरिकों ने इस साजिश में रूचि दिखानी शुरू कर दी थी। बताया जा रहा है कि इस संगठन में 50 पुरुष और महिला हैं। इस संगठन का मकसद जर्मनी के संविधान को उखाड़ फेंकने और इसे 1871 के जर्मनी पर आधारित एक नए राज्य के साथ बदलने की साजिश को अंजाम देना है।

कौन हैं प्रिंस हेनरिक
इस साजिश का अहम हिस्‍सा रहे हेनरिक XIII प्रिंस रीस उस परिवार से आते हैं जिसने पूर्वी जर्मनी पर कई दशक तक राज किया है। उनकी ख्‍वाहिश रही है कि एक हिंसक तख्‍तापलट के जरिए खुद को देश का नया नेता घोषित किया जा सके। 71 साल के हेनरिक इस संगठन का सबसे मजबूत हिस्‍सा बताए जा रहे हैं। एक रियल एस्टेट डेवलपर हेनरिक पिछले कई साल से इस सिद्धांत की वकालत करते आ रहे हैं कि राजशाही में जीवन लोकतंत्र की तुलना में कहीं ज्‍यादा बेहतर हो सकता है और पहले भी ऐसा ही था।

राजशाही की वकालत
हेनरिक तृतीय, हाउस ऑफ रीस से आते हैं। हाउस ऑफ रीस ने सदियों तक पूर्वी जर्मनी पर राज किया। आज यह हिस्‍सा थ्यूरिंगेन राज्य के तौर पर जाना जाता है। सन् 1918 में जब जर्मनी की क्रांति हुई तो उसके बाद वीमर गणराज्य की स्थापना हुई। अभी तक हाउस ऑफ रीस और प्रिंस रीस के ऑफिस से इस पर कोई टिप्‍पणी नहीं की गई है।

क्‍यों बेहतर थी राजशाही
साल 2019 में उन्‍होंने वर्ल्‍ड वेब फोरम पर उन्‍होंने कहा था कि रीस के लोगों की जिंदगी काफी बेहतर थी क्‍योंकि टैक्‍स सिर्फ 10 फीसदी ही था। साथ ही सभी संस्‍थान पार‍दर्शी थे। उन्‍होंने कहा था कि अगर आपको लगता है कि देश में कुछ ठीक नहीं है तो फिर आप किसके पास जाएंगे? आप अगर संसद, स्‍थानीय या फिर सरकारी या यूरोपियन यूनियन तक जाते हैं तो फिर भगवान आपको बचाए।

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