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Friday, June 19, 2026
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‘गलती से भी सरपंच मेरी पसंद का नहीं हुआ तो…,’ BJP MLA ने धमकाया

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मुंबई,

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के पुत्र और कनकवली (सिंधुदुर्ग) से बीजेपी विधायक नीतेश राणे एक बार फिर से चर्चा में हैं. इस बार नीतेश राणे ने ग्राम पंचायत चुनाव के लिए चल रहे चुनाव अभियान के दौरान ग्रामीणों को धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर सरपंच उनकी पसंद का नहीं है तो उन्हें सरकारी फंड से एक पैसा भी नहीं मिलेगा.

नंदगांव में एक चुनावी रैली में नीतेश राणे ने कहा कि अगर गांव वाले गलती से भी उसकी पसंद का सरपंच नहीं चुनते हैं तो वो सरकारी फंड गांव तक नहीं आने देंगे और ये गांव विकास से दूर रह जाएगा. इस रैली के समय गांव वाले और सरपंच वहां मौजूद थे.

गलती से भी कोई सरपंच चुना जाता है जो…
नीतेश राणे ने कहा, “”मैं इसके बारे में बहुत स्पष्ट रहूंगा. कोई भी गांव जो मेरी पसंद का सरपंच चुनता है, उसे ही मेरी तरफ से फंड मिलेगा. मैं कुछ भी नहीं छुपाता; मेरी ट्रेनिंग नारायण राणे स्कूल ऑफ थॉट्स में हुई है. अगर गलती से भी कोई सरपंच चुना जाता है, जो मेरी पसंद का नहीं है, तो मैं यह देखूंगा कि आपको मेरे फंड से एक रुपया नहीं मिले. इसे धमकी समझो या कुछ और, मेरा हिसाब साफ है. ”

सभी फंड मेरे हाथ में हैं
गांव वालों को ये याद दिलाते हुए कि वे सत्ताधारी दल के विधायक हैं, नीतेश राणे ने कहा कि वोट करते समय इस बात का ध्यान रखिए कि सभी फंड मेरे हाथ में हैं, चाहे ये जिला योजना फंड हो या फिर ग्रामीण विकास फंड या फिर सेंट्रल फंड, मैं सत्ताधारी पार्टी का विधायक हूं, चाहे वो पालक मंत्री हों, कलेक्टर हों, संबंधित विभागों के मंत्री हों या उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री हों- मुझसे पूछे बिना कोई भी नंदगांव को वित्तीय मद नहीं देगा. इसलिए इसे अपने दिमाग में बिठा लीजिए कि अगर सरपंच नीतेश राणे के पसंद का नहीं होगा तो नंदगांव में विकास भी नहीं होगा.

नारायण राणे को ऐसा ही अहंकार था
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे, UBT) ने इस धमकी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. शिवसेना (UBT) के विधायक वैभव नायक ने कहा कि, “नारायण राणे जब मुख्यमंत्री थे, तो ऐसा ही अहंकार था. सत्ता का ऐसा ही नशा अब हम देख रहे हैं. हालांकि, सिंधुदुर्ग के लोग उन्हें वह जगह दिखाएंगे, जैसा उन्होंने पहले नारायण राणे को हराकर दिखाया था.”

वोट मांगने का अधिकार है, दादागिरी का नहीं
इस बीच महाराष्ट्र सरकार नीतेश राणे के इस बयान से दूरी बनाने की कोशिश कर रही है. उद्योग मंत्री उदय सामंत ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि नीतेश राणे ने वास्तव में कहा क्या लेकिन सभी को वोट मांगने और पार्टी का विस्तार करने का अधिकार है, लेकिन इसमें किसी तरह की दादागिरी नहीं होनी चाहिए.

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