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तवांग में चीन के साथ झड़प, इंडियन आर्मी ने 300 चीनी जवानों को खदेड़ा, 6 भारतीय सैनिक घायल

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ई दिल्ली,

अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई है. इस घटना दोनों देशों के सैनिक घायल हुए हैं. ये घटना तवांग सेक्टर के यंगस्टे में हुई है. भारत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ये घटना 9 दिसंबर 2022 की है.रिपोर्ट के अनुसार तवांग में चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी LAC तक पहुंचना चाह रही थी. चीनी सैनिकों के इस कदम का वहा तैनात भारतीय सैनिकों ने दृढ़ता और ताकत के साथ विरोध किया. इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच झड़प भी हुई. इस झड़प में दोनों देशों की सेनाओं के कुछ जवान जख्मी हुए हैं. हालांकि भारत के जवानों ने LAC तक पहुंचने की कोशिश कर रहे चीनी सेनाओं को पीछे धकेल दिया. बता दें कि गलवान के बाद ये पहली बार है जब भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने आए हैं.

चीन के ज्यादा जवान हुए जख्मी
रिपोर्ट के अनुसार 300 से ज्यादा चीनी सैनिकों ने लगभग 17 हजार फीट की ऊंचाई पर एक चोटी की ओर बढ़ने की कोशिश की थी. भारतीय सैनिकों ने चीनी सैनिकों के इस इरादे को नाकाम कर दिया. ये चोटी अभी बर्फ से ढकी हुई है. इस झड़प में भारत से ज्यादा चीन के जवान जख्मी हुए हैं. भारतीय सैनिकों को ज्यादा चोटें चीनी सैनिकों की पत्थरबाजी की वजह से लगी है.

सूत्रों के अनुसार चीनी जवानों के साथ हुए इस झड़प में भारत के कम से कम 6 जवान घायल हुए हैं. इन जवानों को इलाज के लिए गुवाहाटी लाया गया है. गुवाहाटी के 151 बेस हॉस्पिटल में घायल सैनिकों का इलाज चल रहा है.

इंडियन पोस्ट को हटाना चाहते थे चीनी सैनिक
रिपोर्ट के अनुसार चीनी सैनिक तवांग इलाके में भारत के एक पोस्ट को हटाना चाहते थे. भारतीय सैनिकों ने चीन की इस हिमाकत को चुनौती दी इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच झड़प हुई. इसके बाद चीनी सैनिकों को वहां से भागना पड़ा. रिपोर्ट के अनुसार चीनी सैनिक 15 दिनों से इसकी तैयारी कर रहे थे. रक्षा मंत्रालय के अनुसार दोनों देश के सैनिक कुछ ही देर में घटनास्थल से पीछे हट गए. घटना के बाद इंडियन आर्मी के कमांडर और चीनी कमांडर ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फ्लैग मीटिंग की. ताकि इलाके में शांति बहाल की जा सके.

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर में एलएसी के आस-पास कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां चीन गलत तरीके से दावा करता है. इन क्षेत्रों में दोनों देश अपने दावे की सीमा तक क्षेत्र में गश्त करते हैं. 2006 से यह प्रैक्टिस चलन में है. यहां तैनात भारतीय जवान LAC पर चीन की किसी भी गुस्ताखी का मुंहतोड़ जवाब देते हैं.

अक्टूबर में भी भारत ने चीनी सैनिकों को रोका था
गौरतलब है कि भारतीय सैनिकों ने पिछले साल भी अक्टूबर में इसी क्षेत्र में चीनी सैनिकों को रोका था. अरुणाचल प्रदेश में लगभग 200 पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के जवान LAC के पास आना चाह रहे थे. भारतीय सैनिकों ने तब भी उन्हें खदेड़ दिया था.

बता दें कि LAC पर चीनी सैनिकों का विश्वासघात कोई नई बात नहीं है. साल 2020 में गलवान में चीन ने ऐसा ही करने की कोशिश की थी. जब चौकी का मुआयना करने पहुंचे भारतीय सैनिकों पर चीनी जवानों ने विश्वासघात कर हमला कर दिया था. इस हमले में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे. जबकि चीन के कई जवान मारे गए थे. चीन ने तो पहले अपने जवानों की कैजुअलिटी को मानने से ही इनकार कर दिया था. बाद में चीन ने माना था कि भारत सेनाओं के हाथों उसके 5 जवान मारे गए थे. हालांकि गलवान की जंग में मरने वाले चीनी जवानों की संख्या इससे कहीं अधिक थी.

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