भोपाल
इंटक भले ही 6 साल सत्ता में रहने के बाद कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं कर पाई हो लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद उसे कुछ ज्यादा ही कर्मचारियों की समस्याओं की चिन्ता सताने लगी है । इंटक ने एक प्रेस विज्ञप्ति में वर्तमान में सत्ताधारी यूनियनों को चेतावनी देते हुये कहा है कि नई दिल्ली में 30 नवम्बर को संपन्न हुई जेसीएम की बैठक में भेल कर्मियो के समस्त ज्वलंत मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। बीएचईएल को लगभग 436 करोड़ शुद्ध लाभ के बाद भी कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया गया जिसमें कर्मचारियों में काफी आक्रोश है वहीं उत्पादन की लाइफ लाइन कही जाने वाली रिवॉर्ड स्कीम का अभी तक अता पता नहीं है।
इधर मीडिया प्रभारी सीआर नामदेव ने बताते हैं कि बीएचईएल का प्रतिनिधित्व कर रही यूनियनों के चुनावी जुमले ढेर हो गए इसलिये हेम्टू इंटक यूनियन द्वारा रिवॉर्ड इंसेंटिव स्कीम ,पीपी एवं एसआईपी बोनस ,न्यू ईयर गिफ्ट एवं अन्य सभी कर्मचारियों के ज्वलंत समस्याओं के निराकरण के लिये 14 दिसंबर को 101 प्रतिनिधियों का एक दल भेल के फाउंड्री गेट से 1 नंबर गेट तक पैदल मार्च करेगा ।
