कराची,
पाकिस्तान का आर्थिक केंद्र कराची गंभीर गैस संकट का सामना कर रहा है. मंगलवार को अर्ध सरकारी प्राकृतिक गैस प्रोवाइडर कंपनी के फैसले ने घरेलू उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सुई सदर्न गैस कंपनी (SSGC) ने ऐलान किया है कि कराची में अब घरेलू उपभोक्ताओं को ‘भोजन के समय’ सुबह, दोपहर और शाम को सिर्फ 8 घंटे गैस की आपूर्ति की जाएगी. कराची में ये नौबत इसलिए आई है, क्योंकि यहां महीनों से अघोषित गैस लोड शेडिंग की समस्या चल रही है. फिलहाल, कंपनी के इस कदम से घरेलू उपभोक्ता नाराजगी देखने को मिल रही है.
यूटिलिटी ने एक ट्वीट में कहा- प्रधानमंत्री के निर्देशों के अनुसार, SSGC अपने ग्राहकों को भोजन के घंटों के दौरान गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने जा रहा है. हालांकि, यूटिलिटी कंपनी ने दिन के शेष 16 घंटों के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है. बताते चलें कि पाकिस्तान के गैस भंडार तेजी से घट रहे हैं. क्योंकि बढ़ती आबादी के साथ ईंधन की मांग बढ़ी है. जबकि पिछले 20 वर्षों में नए गैस भंडार की खोज नहीं होने के कारण आपूर्ति कम हो रही है. देश वर्तमान में 44:56 के रेसियो में इम्पोर्टेड और स्वदेशी संसाधनों के जरिए अपनी ऊर्जा मांगों को पूरा करता है.
गैस की आपूर्ति की इसलिए बढ़ी समस्या
विदेशी गैस आपूर्तिकर्ताओं के साथ विवाद और यूक्रेन पर रूसी आक्रमण ने भी पाकिस्तान में गैस संकट को विकराल बना दिया है. इसके अलावा, पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता, गलत नीतियों, सुरक्षा समस्याओं और कमजोर कॉन्ट्रेक्ट ने भी विदेशी फर्मों को वहां तेल और गैस आपूर्ति के क्षेत्र में निवेश करने से रोका है.
बिजली कटौती और गैस सप्लाई बन गई बड़ी समस्या
फिलहाल, गैस की आपूर्ति का समय फिक्स हो जाने की वजह से सर्दी के मौसम की शुरुआत ने कराची वासियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. शहर में लोग लंबे समय तक बिजली कटौती और ब्रेकडाउन का सामना कर रहे हैं. खबरों के मुताबिक, शहर के लगभग हर इलाके में पिछले हफ्तों से पीक ऑवर्स के दौरान बहुत कम दबाव या गैस की आपूर्ति नहीं होने का सामना करना पड़ रहा है. साथ ही गैस वितरक कंपनी भी ठीक से काम नहीं कर रही है.
सिंध प्रांत में भी गैस का संकट
कुछ इलाकों में उपभोक्ताओं ने दिन में मुश्किल से दो घंटे गैस आपूर्ति मिलने की शिकायत की है. कई क्षेत्रों में कम गैस के दबाव की भी शिकायतें मिली हैं, जिसका मतलब है कि उपभोक्ता भोजन भी नहीं बना पा रहे हैं. कई इलाकों में लोग एलपीजी गैस सिलेंडर पर निर्भर रहने लगे हैं, जिससे उनकी जेब ढीली हो रही है. सिंध के ऊर्जा मंत्री इम्तियाज शेख ने स्वीकार किया कि सिंध प्रांत में संकट तेजी से गहरा गया है. यह आश्चर्यजनक है, क्योंकि सिंध देश में सबसे ज्यादा मात्रा में गैस का उत्पादन करता है.
