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मिडडे मील खाने के बाद 15 छात्राओं की हालत बिगड़ी, इलाज करने बुलाया तांत्रिक, भूत को लेकर फैली अफवाह

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महोबा

उत्तर प्रदेश के महोबा में मिडडे मील खाने के बाद 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई। ग्रामीण बच्चों को अस्पताल ले जाने की जगह तांत्रिक से झाड़-फूंक कराने में लग गए। तांत्रिक 2 घंटे तक छात्राओं की झाड़-फूंक करता रहा। इसका वीडियो भी सामने आया है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल में भूत-प्रेत का साया है। हालांकि बच्चियों का झाड़-फूंक कराने की सूचना पर सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे। टीम ने तांत्रिक को स्कूल से खदेड़ कर छात्राओं को इलाज के लिए सीएचसी पहुंचाया। घटना महोबा जिले के पनवाड़ी के महुआ गांव की है। यहां कन्या प्राइमरी विद्यालय है।

स्कूल में सोमवार को मिडडे मील का भोजन करने के बाद 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई। कुछ छात्राएं बेहोश होने लगी हैं। यह खबर ग्रामीणों में पहुंच गई। किसी ने यह सूचना गांव के एक तांत्रिक को दे दी। वह भी स्कूल पहुंच गया। ग्रामीणों का मानना है कि स्कूल से कुछ दूरी पर एक मंदिर है, जहां पर तंत्र-मंत्र किया गया। इसका असर स्कूल में हुआ और 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई।

SDM और सीओ ने छात्राओं को सीएचसी में भर्ती कराया
15 छात्राओं के बेहोश होने की सूचना पर एसडीएम और सीओ स्कूल पहुंचे। एसडीएम और सीओ ने एंबुलेंस बुलाकर छात्राओं को नजदीक के सीएचसी में भर्ती कराया। जहां पर डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। एसडीएम ने बताया कि मिडडे मील का सैंपल फूड इंस्पेक्टर को देकर जांच के आदेश दिए हैं। हालत बिगड़ने वाली सभी छात्राओं की उम्र लगभग 9 से 13 साल के बीच है। कुछ छात्राओं ने बताया कि 2-3 दिन पहले भी बच्चों की हालत बिगड़ी थी, लेकिन कुछ समय बाद वह ठीक हो गए। कुछ ही बच्चे थे इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब 15 छात्राओं की हालत बिगड़ गई।

डॉक्टर बोले- फूड प्वाइजिंग के लक्षण नहीं
इस मामले को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी में तैनात डॉक्टर माहुर बताते हैं कि अस्पताल लाए गए बच्चों के सिम्टम्स अलग-अलग हैं। किसी को सिर दर्द तो किसी को पेट दर्द हो रहा है। सभी बच्चों ने मिड डे मील नहीं खाया है। कुछ ने मिड डे मील का भोजन किया। बाकी की तबीयत घबराने से बिगड़ी है। सभी का इलाज किया जा रहा है। फूड प्वाजिंग के लक्षण नहीं है। इस मामले को लेकर कुलपहाड़ के एसडीएम अरुण दीक्षित बताते हैं कि मिड डे मील में बने भोजन का सैंपल फूड इंस्पेक्टर को देकर जांच कराई जा रही है। अधिक ठंड होने के चलते बच्चे बीमार हुए हैं। हर पहलू से जांच कराई जा रही है।

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