पटना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वह ऐसे समय में कोरोना को लेकर चिंता जता रही है जब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने जोर पकड़ लिया है। जबकि ये लोग खुद कोरोना के समय चुनावी जुलूस निकालते थे। तब इनको चिंता नहीं थी।
पटना में मीडिया से बातचीत में नीतीश ने कहा कि कोरोना का भय दिखाकर भाजपा भारत जोड़ो यात्रा को बंद करने की मांग कर रही है। उनका कहना था कि कांग्रेस के लोग यात्रा कर रहे हैं, सबको यह अधिकार है। हर पार्टी के लोग यात्रा करते हैं। भाजपा वाले खुद भी तो यात्रा करते हैं। उन्होंने केन्द्र पर निशाना साधते हुए कहा कि काहे बीच में कह दिए थे कि अब इसके बारे में सोचना नहीं है।
ध्यान रहे कि हेल्थ मिनिस्टर मनसुख मांडविया ने यात्रा में कोविड-19 प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने या फिर राष्ट्रीय हित में इसे टालने का आह्वान किया है।नीतीश का कहना था कि जब कांग्रेस के लोग यात्रा कर रहे हैं तो उसी समय बीजेपी सतर्कता की बात कर रही है। नीतीश ने ने चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी को उस यात्रा पर आपत्ति क्यों है? वह खुद भी जुलूस क्यों निकालती रहती है। भाजपा से चार महीने पहले ही नाता तोड़कर महागठबंधन की सरकार बनाने वाले जदयू के शीर्ष नेता नीतीश इन दिनों लोकसभा चुनाव, 2024 से पहले विपक्ष को एकजुट करके राजग को हराने का जुगत में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कोरोना जांच और टीकाकरण सबसे अधिक बिहार में हो रहा है। अभी देश में भी स्थिति सामान्य है। हम लोग हर जगह लगातार जांच कराते रहे हैं। देशभर में 10 लाख पर केवल 6.50 लाख जांच हुई है जबकि बिहार में 8 लाख से ज्यादा जांच हुई है। हम कोरोना को लेकर अभी भी सक्रिय हैं। देश में कोरोना घटता जा रहा है और कुछ ही राज्यों में थोड़ा-थोड़ा है लेकिन फिर से इसके बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
बिहार में शराबबंदी को लेकर विपक्ष द्वारा हंगामा किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह गलत है। सबकी सहमति से शराबबंदी लागू की गई है। उन्होंने सवाल किया कि देश के कौन से हिस्से में लोग शराब पीकर नहीं मरते हैं? जहरीली शराब से लोगों की मृत्यु के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम के बिहार पहुंचने पर नीतीश ने कहा कि टीम यहां पर आई है। दूसरे राज्यों में जहरीली शराब से जो लोग मरे हैं क्या टीम उनको देखने गई है?
