17.9 C
London
Sunday, June 21, 2026
Homeराष्ट्रीयOBC आरक्षण मामले में योगी सरकार को SC से बड़ी राहत, हाई...

OBC आरक्षण मामले में योगी सरकार को SC से बड़ी राहत, हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

Published on

नई दिल्ली,

उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण वाले मुद्दे ने राजनीतिक रूप ले लिया था. हाई कोर्ट ने पिछले साल 27 दिसंबर को राज्य सरकार द्वारा जारी की गई ओबीसी सूची को भी खारिज कर दिया था. अब सुप्रीम कोर्ट ने उसी मामले में योगी सरकार को बड़ी राहत दी है. हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी गई है. वहीं कोर्ट ने इस मामले में दूसरे पक्षों को भी नोटिस दिया है और तीन हफ्तों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है.

अब जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल 27 दिसंबर को हाई कोर्ट से योगी सरकार को बड़ा झटका लगा था. तब कोर्ट ने राज्य सरकार की उस ओबीसी सूची को खारिज कर दिया था जिसके दम पर निकाय चुनाव करवाने की तैयारी थी. हाई कोर्ट ने साफ कहा था कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का पालन नहीं किया और उसके बिना ही चुनाव की घोषणा की गई. तब कोर्ट ने सरकार को ये भी कहा था कि वो बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव करवा सकती है.

लेकिन क्योंकि आरक्षण का मुद्दा राजनीतिक था और विपक्ष ने भी इसे तुरंत बड़ा मुद्दा बनाया, सरकार ने साफ कर दिया कि बिना आरक्षण के चुनाव नहीं करवाए जाएंगे. तब सीएम योगी ने एक पांच सदस्यों की टीम का भी गठन कर दिया था. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में मामले को चुनौती दी गई थी. मांग हुई थी कि हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया जाए. अब सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने जिन निकायों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, उनके कामकाज के लिए विशेष समिति बनाने की बात भी कही है.

सुनवाई के दौरान यूपी में स्थानीय निकाय चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने कहा राज्य में डीलिमिटेशन की प्रकिया 3 महीने में पूरी कर लेंगे. इस पर कोर्ट ने दो टूक कहा है कि तीन महीने का समय बहुत लंबा है क्या इसको और पहले नहीं पूरा किया जा सकता है? यूपी सरकार ने कहा कि कमीशन के अध्यक्ष नियुक्त किए गए जज साहब से पूछकर बताना होगा कि कम से कम कितने समय में इसको पूरा किया जा सकता है? मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में इस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई है.  हालांकि SG ने जजमेंट का हवाला देते हुए कहा कि तीन महीनों के लिए 3 सदस्यों की कमेटी बना कर एडमिन के अलावा काम को जारी रखा जा सकता है.

अब इस मामले में निकाय चुनाव से ज्यादा जरूरी ओबीसी आरक्षण का मुद्दा बन गया है. उत्तर प्रदेश में ये ओबीसी वर्ग बड़ी संख्या में है. 2014 के बाद से इसने बीजेपी को दोनों लोकसभा और विधानसभा चुनाव में खुलकर वोट भी किया है. इसी के दम पर पार्टी ने पहले 2017 और फिर 2022 में प्रंचड जीत दर्ज की. ऐसे में अब आरक्षण मुद्दे को लेकर योगी सरकार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है. इसी वजह से मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई और अब वहां से राहत भी मिल गई.

Latest articles

फादर्स डे पर पुत्र शिवरतन ने ब्रह्मलीन दादाजी गुरुदेव चुन्नीलाल नामदेव को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

भोपाल। फादर्स डे के पावन अवसर पर स्थानीय निवासी शिवरतन नामदेव ने अपने पूज्य...

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस आज: थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’, छत्तीसगढ़ का मुख्य आयोजन अंबिकापुर में

रायपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के अवसर पर छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में...

शिविरों में मामूली त्रुटियां दूर कर वंचितों को मिल रहा योजनाओं का लाभ : सीएम भजनलाल

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को पाली जिले के सुमेरपुर अंतर्गत राजकीय उच्च...

अकाल तख्त ने जारी किया सीएम भगवंत मान की पेशी का वीडियो, मान बोले- एआई से बना है फर्जी वीडियो

अमृतसर/चंडीगढ़। सिख कौम की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब ने शनिवार को पंजाब के...

More like this

टीनू यादव के आभूषण चोरी की सबसे बड़ी गवाही- ‘चांदी गला दी गई है उसे भूल जाओ’

नई दिल्ली। राम मंदिर में भक्तों की आस्था से खिलवाड़ के बाद मैराथन जांच...

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका; क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने से बदला पूरा समीकरण

रांची। झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव की मतगणना में बड़ा...