भोपाल। फादर्स डे के पावन अवसर पर स्थानीय निवासी शिवरतन नामदेव ने अपने पूज्य पिताश्री ब्रह्मलीन श्री दादाजी गुरुदेव चुन्नीलाल नामदेव (साईंखेड़ा वाले) के श्रीचरणों में श्रद्धा, प्रेम और कृतज्ञता के पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पिता केवल जन्मदाता नहीं, बल्कि जीवन के प्रथम गुरु, मार्गदर्शक और संस्कारों के आधार स्तंभ होते हैं। पूज्य दादाजी गुरुदेव का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग, तपस्या, सेवा, साधना और लोककल्याण के लिए समर्पित रहा। साधारण परिस्थितियों से शुरू हुई उनकी जीवन यात्रा असाधारण उपलब्धियों से परिपूर्ण थी।
उन्होंने सत्य, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलते हुए असंख्य लोगों के जीवन में आध्यात्मिक चेतना का प्रकाश फैलाया। शिवरतन नामदेव ने कहा कि पूज्य पिताश्री द्वारा दिए गए संस्कार ही हमारी सबसे बड़ी पूँजी हैं। वे भले ही भौतिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके आदर्श, उनकी स्मृतियाँ और उनका स्नेह हमेशा हमारा पथ आलोकित करते रहेंगे। वे हमारे प्रत्येक विचार और शुभ कार्य में सदैव जीवित रहेंगे।
