जोशीमठ ,
जोशीमठ में भू-धंसाव की घटनाओं के चलते एनटीपीसी परियोजना पर लोगों का गुस्सा फूटा है. जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने पूरे बाजार में एनटीपीसी गो बैक के पोस्टर लगाए हैं. हर दुकान और मकान की दीवारों पर ये पोस्टर देखे जा सकते हैं. गौरतलब है कि भू-धंसाव की घटनाएं सामने आने के बाद जोशीमठ के लोगों में एनटीपीसी के खिलाफ नाराजगी है. ये नाराजगी केवल जोशीमठ तक ही सीमित नहीं है. आसपास के क्षेत्रों में भी लोग नाराज हैं. लोगों का आरोप है कि एनटीपीसी (NTPC) द्वारा किए गए ब्लास्ट से ही जोशीमठ तबाह हो रहा है.
किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा
उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट की बैठक से पहले जोशीमठ को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में फिलहाल किसी का घर नहीं तोड़ा जाएगा. अबतक सरकार 90 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा चुकी है.
असुरक्षित जोन में 128 भवन
सीएम धामी ने कहा कि जोशीमठ में प्रभावित क्षेत्र के लोगों को सुरक्षा के लिहाज से वहां से निकाला जा रहा है. लोगों को राहत राशि देने की प्रक्रिया भी जारी है. जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव और घरों में आई दरारों के बीच चमोली जिला के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि जोशीमठ नगर क्षेत्र के 9 वार्ड में 760 प्रभावित भवनों को अभी तक चिन्हित किया जा चुका है. जिसमें से 128 भवनों को असुरक्षित जोन के अंतर्गत रखा गया है.
2205 लोगों को ठहराया जा सकेगा
जिला प्रशासन ने अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 51 भवनों के 344 कक्षों का चिह्नीकरण कर लिया है. इसमें 1425 व्यक्तियों को ठहराया जा सकता है. वहीं, नगर पालिका के बाहर पीपलकोटी में अस्थायी राहत शिविरों के रूप में 20 भवनों के 491 कमरों को चयनित किया गया है, जिसमें कुल 2205 लोगों को ठहराया जा सकेगा.
इस रास्ते पर रोकी गई आवाजाही
वहीं, जोशीमठ में अब होटल मलारी इन को गिराने का काम शुरू हो गया है. ये होटल लगातार एक दूसरे होटल की तरफ झुक रहा था. होटल को गिराने के खिलाफ वहां प्रदर्शन हो रहा था. अब SDRF ने उन प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर होटल को गिराने का काम शुरू किया है. उस रास्ते पर आवाजाही रोक दी गई है.
