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Wednesday, April 22, 2026
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रोटी-रोटी को तरस रहा कंगाल पाकिस्तान, भिखारियों जैसी हुई हालत, जानें क्यों आई ऐसी नौबत

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इस्लामाबाद

पाकिस्तान इस समय खाने की कमी से जूझ रहा है। देश में आटे की किल्लत देखी जा रही है। आटे का दाम इतना ज्यादा है कि आम आदमी की थाली से रोटी गायब हो रही है। बाजार में आटा 140 रुपए से 160 रुपए तक बिक रहा है। सरकार की ओर से 60 रुपए की दर पर ट्रकों से आटा बांटा जा रहा है। हाल ही में जब पाकिस्तान के सिंध प्रांत के मीरपुर खास में सरकार की ओर से सब्सिडी रेट पर आटा बांटने के लिए ट्रक पहुंचा तो भगदड़ मच गई। इसमें कई लोग घायल हो गए वहीं, अपने परिवार के लिए आटा लेने आए हरसिंह कोल्ही नाम के शख्स की मौत हो गई। यह मामला दिखाता है कि पाकिस्तान में हालात कितने ज्यादा खराब हो चुके हैं।

सरकारी अधिकारियों का अनुमान है कि पाकिस्तान में आई बाढ़ से 80 फीसदी से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है। दूसरी तरफ विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के चलते पाकिस्तान के बंदरगाहों पर दवा और भोजन पड़ा है, लेकिन देश में नहीं आ पा रहा। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान का कहना है कि उनका विदेशी मुद्रा भंडार 4.3 अरब डॉलर के एक गंभीर स्तर तक गिर गया है। अटलांटिक काउंसिल के पाकिस्तान इनिशिएटिव के निदेशक उजै़र यूनुस कहते हैं, ‘पाकिस्तान का आर्थिक संकट दोगुना है। पिछले साल आई बाढ़ से पहले भी खाने की चीजों के दाम बढ़े हुए थे।’

मजदूर वर्ग के पास पैसा नहीं
यूनुस का कहना है कि पिछले चार साल में पाकिस्तान में मजदूर वर्ग के खरीदने की शक्ति में 30 फीसदी कमी आई है। इसमें निम्न मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के लोग हैं जो 2 डॉलर (160 भारतीय रुपए) से भी कम कमाते हैं। विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पाकिस्तान 2018 से IMF से 6 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मांग कर रहा है। लेकिन 2020 में कोरोना महामारी आ गई और तभी से इस पैकेज की बातचीत की रफ्तार थमने लगी। यूनुस के मुताबिक पाकिस्तान की सरकार भी IMF की कई शर्ते पूरी नहीं कर सकी।

पेमेंट में देरी से बंदरगाहों पर पड़े हैं सामान
विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के प्रयास में बैकों ने पेमेंट में देरी शुरु कर दी। इसकी वजह से आयात होने वाला सामान बंदरगाहों पर ही पड़ा रहने लगा। दवाई से लेकर भोजन तक के दाम इस वजह से धीरे-धीरे बढ़े। यूनुस कहते हैं, ‘बैंक ने भुगतान नहीं किया है, इसलिए प्याज के कंटेनर बंदरगाह पर पड़े हैं। देश में प्याज नहीं आ पा रहा, इसलिए उसकी कीमतें बढ़ रही हैं।’ दिसंबर में पाकिस्तान के पोल्ट्री एसोसिएशन ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि बंदरगाहों पर सोयाबीन पड़ा है जो मुर्गियों का प्रमुख आहार है। क्योंकि माल नहीं आ पा रहा है, इसलिए उनके खाने में बढ़ोतरी हो रही है। देश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा, विनियम और समन्वय मंत्रालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द ही एंटीबायोटिक दवाओं की कमी हो सकी है।

आटे का दाम क्यों बढ़ रहा
पाकिस्तान गेहूं आयात नहीं करता है तो आटे का दाम क्यों बढ़ रहा है? पाकिस्तान के स्वतंत्र यूट्यूबर्स ने जब दुकानदारों से बात की तो उनका एक दावा ये था कि अवैध तरीके से गेहूं अफगानिस्तान जा रहा है। जब तक गेहूं की तस्करी नहीं रोकी जाएगी तब तक दाम बढ़ते रहेंगे। उन्हीं का कहना है कि इस समय 5 और 10 किग्रा का पैकेट खत्म हो गया है। अब सीधे 15 किग्रा की बोरी मिल रही है।

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