24.2 C
London
Tuesday, June 23, 2026
Homeराज्यतो क्या जोशीमठ के कुछ इलाके 2 फीट तक धंस गए? ग्राउंड...

तो क्या जोशीमठ के कुछ इलाके 2 फीट तक धंस गए? ग्राउंड सर्वे से पता चले चौंकाने वाले हालात

Published on

देहरादून

उत्‍तराखंड के जोशीमठ शहर को लेकर हर रोज चौंकाने वालीं खबरें सामने आ रही हैं। पिछले दिनों राज्‍य आपदा प्रबंधन विभाग के अफसरों ने जोशीमठ का ग्राउंड सर्वे किया था। इस सर्वे की रिपोर्ट हैरान करने वाली है। सूत्र बता रहे हैं कि जोशीमठ के कुछ प्रभावित इलाके करीब 2.2 फीट यानी 70 सेंटीमीटर तक धंस चुके हैं। इससे पहले ISRO की भी एक रिपोर्ट आई थी। इसरों के नैशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर की रिपोर्ट में बताया गया था कि बीते 12 दिन में जोशीमठ की जमीन 5.4 सेंटीमीटर धंसी है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि जोशीमठ शहर 27 दिसंबर से 8 जनवरी के बीच 5.4 सेंटीमीटर नीचे धंसा है। 12 दिनों के अंदर शहर 5.4 सेंटीमीटर नीचे चला गया।

ग्राउंड सर्वे करने वाली टीम में शामिल एक वरिष्‍ठ अधिकारी का कहना है कि जोशीमठ के जेपी कॉलोनी के अंदर बैडमिंटन कोर्ट और उसके आसपास के इलाकों में करीब 70 सेमी तक भूधंसाव नजर आया है। इसके अलावा मनोहर बाग पॉकेट में करीब 7 से 10 सेमी तक धंसाव देखा जा सकता है। अधिकारी के मुताबिक, जोशीमठ में जमीन की सतह में बदलाव को रिमोट सेंसिंग के जरिये जाना जा सकता है लेकिन जमीन के नीचे क्‍या हो रहा है, इसकी विस्‍तृत जांच करने की जरूरत है। जोशीमठ में इसरो रिमोट सेंसिंग करा रहा है लेकिन ये ज्‍यादातर भूकंप आने के बाद की स्थिति में प्रभावी साबित होता है।

किसी चीज ने धंसने की शुरुआत की है: भूवैज्ञानिक
भूवैज्ञानिक एसपी सती ने बताया कि जोशीमठ के कुछ हिस्‍सों में कई फीट तक धंसाव देखा गया है जबकि अन्‍य इलाकों में यह धंसाव कुछ इंच तक है। किसी चीज ने जमीन के धंसने को ट्रिगर किया जो तभी रुकेगा जब कोई बाधा पहुंचेगी या फिर यह चलता रहेगा। किसी चीज ने धंसने की शुरुआत की थी और अनियंत्रित होने पर यह जारी रहेगा।

जोशीमठ ने निवासियों ने लगाई रिपोर्ट पर मुहर
जोशीमठ के रहने वालों ने भी आपदा प्रबंधन दल की इस रिपोर्ट पर मुहर लगा दी है। स्‍थानीय निवासी दुर्गा प्रसाद सकलानी का कहना है कि उनका कमरा एक फुट से ज्‍यादा धंस चुका है जबकि बरामद 2 फुट तक धंस गया है। कमरे और बरामदे के धंसने की वजह से पूरा घर रहने लायक नहीं रह गया है। इसी तरह एक होटल के केयरटेकर चिराग प्रजापति ने बताया कि उनका होटल पिछले 15 दिनों में लगभग 6 इंच तक धंस गया है। पीछे की बिल्डिंग भी उनके होटल की ओर झुल गई है।

5 जनवरी को जोशीमठ का हुआ था ग्राउंड सर्वे
आपको बता दें कि उत्‍तराखंड के आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत सिन्‍हा के नेतृत्‍व में 5-6 जनवरी को आठ सदस्‍यीय टीम ने फील्‍ड सर्वे किया था। इस टीम की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2 जनवरी की रात जेपी कॉलोनी में जलधारा फटने से जलभराव बढ़ गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जलप्रवाह ने शायद कुछ भूमिगत खाली जगह बनाई है जो कॉलोनी के ऊपर और नीचे विभिन्‍न स्‍थानों में धंसने के रूप में दिखाई दे रही हैं। इससे कई बड़ी दरारें आ गई हैं जो एक मीटर से भी ज्‍यादा गहरी हैं।

Latest articles

मध्य प्रदेश में 52% कम बारिश, मानसून की देरी से आधा सूखा जून, 4 जिलों में लू, 30 में बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक में हो रही देरी का असर बारिश...

भाजपा संगठन में बड़ा बदलाव, प्रदेश कार्यसमिति और स्थायी आमंत्रित सदस्यों की घोषणा

भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा से बड़ी खबर सामने आ रही है। पार्टी ने प्रदेश...

सोमनाथ मंदिर राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक...

More like this

सोमनाथ मंदिर राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक...

जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान का आधार : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित विकास मॉडल विकसित राजस्थान की...

विकसित भारत शिक्षा अधिनियम विधेयक-2025 पर सीएम भगवंत मान की आपत्ति, केंद्र से पुनर्विचार की मांग

चंडीगढ़। भगवंत मान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर प्रस्तावित ‘विकसित...