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Tuesday, April 7, 2026
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हिंदूवादी नेताओं पर हमले की फिराक में थे आतंकी, सीमापार आका को भेजा था मर्डर का लाइव वीडियो

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नई दिल्ली

दिल्ली पुलिस ने इस हफ्ते जिन दो आतंकियों को गिरफ्तार किया, उनके मंसूबे बेहद खतरनाक थे। उनका मकसद अमन-चैन के माहौल को बिगाड़ना था। निशाने पर थे ‘दक्षिणपंथी हिंदू नेता’। आतंकियों को सीमापार से उनके आकाओं ने दिल्ली और आस-पास के राज्यों में बड़े हिंदूवादी नेताओं पर हमले का निर्देश दिया था ताकि सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सके। दिल्ली पुलिस ने रविवार को ये दावा किया। आतंकियों के यहां से पुलिस ने 22 जिंदा कारतूस, 2 हैंड ग्रेनेड और तीन पिस्टल बरामद किया है। इस तरह गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है।

गिरफ्तार आतंकियों की पहचान जगजीत सिंह (29 वर्ष) और नौशाद अली (56 वर्ष) के तौर पर हुई है। जगजीत उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर का रहने वाला है जबकि नौशाद दिल्ली के जहांगीरपुरी का बाशिंदा है। पुलिस ने बताया, ‘उन्हें पड़ोसी राज्यों में दक्षिणपंथी हिंदू नेताओं पर हमले की जिम्मेदारी दी गई थी। उनके पास से 3 पिस्टल, 22 जिंदा कारतूस और 2 हैंड ग्रैनेड बरामद हुआ है।’

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति लगातार विदेश से निर्देश ले रहे हैं। इसके बाद से ही पुलिस के कान खड़े हो गए थे। कुछ दिन पहले जब पुलिस को सूचना मिली कि सीमापार बैठे आतंकी हैंडलर दिल्ली-एनसीआर और पड़ोसी राज्यों में गैंगस्टरों का इस्तेमाल करके कुछ हस्तियों पर हमले को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि उत्तराखंड का रहने वाला जगजीत सिंह नाम के एक गैंगस्टर ने उत्तरी दिल्ली में अपना बेस बनाया है। बाद में पता चला कि वह जहांगीरपुरी इलाके में किसी नौशाद नाम के शख्स के साथ रह रहा है और उसने हाई ग्रेड हथियार भी जमा किए हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों आतंकियों को धर दबोचा।

पूछताछ में दोनों ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया। दिल्ली पुलिस का दावा है कि दोनों ने सीमा पार अपने हैंडलर का भरोसा जीतने के लिए दिल्ली में एक शख्स की हत्या की और उसके लाश को ठिकाने लगाया। पुलिस ने बताया, ‘गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे कुछ विदेशी संगठनों के संपर्क में थे जो भारत में आतंकी गतिविधियों के प्रचार में शामिल थे। अपनी विश्वसनीयता और क्षमता साबित करने के लिए दोनों ने एक बेगुनाह शख्स की हत्या कर दी और उसके शव को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में ठिकाने लगाया।’

पुलिस के मुताबिक, जगजीत सिंह उर्फ जस्सा उर्फ कप्तान मर्डर के एक मामले में हल्द्वानी जेल में बंद था। वहां वह बाम्बिहा गैंग के सदस्यों के करीब आ गया जो उसी जेल में बंद थे। अप्रैल 2022 में वह 20 दिनों के परोल पर बाहर आया था। 20 अप्रैल को उत्तराखंड के गदरपुर में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अपराधियों ने उसके ऊपर हमला भी किया था। इसी तह नौशाद अली भी हत्या के अलग-अलग मामलों में 25 साल तक जेल में रह चुका है। 2018 में जेल से बाहर आने के बाद वह टेरर हैंडलर्स के संपर्क में आया। दरअसल, तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान ही वह वहां बंद आतंकियों के करीब आ चुका था।

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