लखनऊ,
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को ट्वीट करते हुए डेपुटेशन पर आए अधिकारियों पर निशाना साधा. अखिलेश ने कहा, ‘यूपी में सुदूर… दूरदराज़ से जो अधिकारी डेपुटेशन पर आए हैं, उनका मक़सद क्या प्रदेश को सरेआम लूटना ही है, जनता से जो लूटा जा रहा है, उसका हिस्सा किस-किस को जा रहा है?’
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगे लिखा, ‘ऐसे अधिकारी पूरे देश में उप्र की पुलिस की छवि बिगाड़ रहे हैं. इनकी तुरंत जांच कर मूल राज्य में ‘प्रदेश वापसी’ हो.’ अखिलेश के इस ट्वीट के बाद सवाल उठने लगा कि आखिर वह कौन अधिकारी है, जिस पर लूट का आरोप लगा है. यूपी में मौजूदा समय में तीन आईपीएस अफसर डेपुटेशन पर हैं.
आनंद प्रकाश तिवारी
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में दूसरे के कैडर से प्रतिनियुक्ति पर आए तीन आईपीएस अफसर तैनात हैं, जिनमें से दो आईपीएस अधिकारी फील्ड की पोस्टिंग पर है और एक आईपीएस को साइड पोस्टिंग में रखा गया है. 2004 बैच के आईपीएस अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी असम कैडर के अफसर हैं और वर्तमान में कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में तैनात हैं.
आईपीएस अफसर आनंद प्रकाश तिवारी कानपुर में जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर का कामकाज देख रहे हैं. आनंद प्रकाश तिवारी कानपुर में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद से तैनात हैं. जेसीपी लॉ ऑर्डर के पद पर रहते हुए आनंद प्रकाश तिवारी ने कानपुर के नई सड़क पर हुए दंगों में लगभग 60 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की.वर्तमान में सपा विधायक इरफान सोलंकी पर हो रही गैंगस्टर एक्ट तमाम 8 मुकदमों में कार्रवाई को भी आनंद प्रकाश तिवारी ही बतौर जेसीपी LO मॉनिटर कर रहे हैं.
राजकरण नैयर
दूसरे अधिकारी जो फील्ड में तैनात हैं, वह 2012 बैच के आईपीएस राजकरण नैयर है. राजकरण नैयर पश्चिम बंगाल कैडर के आईपीएस अफसर है. राजकरण नैयर की पत्नी सुजाता यूपी कैडर की ही आईपीएस हैं. राजकरण नैयर गोंडा जौनपुर में भी एसपी रह चुके हैं. इससे पहले यूपी एटीएस में भी तैनाती रही है. वर्तमान में लंबे समय से राजकरण नैयर बलिया में पुलिस कप्तान हैं.
आईपीएस राजकरण नैयर का सबसे पहले चर्चा में नाम बीते साल की बोर्ड परीक्षा में आया. मार्च 2022 में इंटर का इंग्लिश का पेपर लीक हुआ तो बलिया पुलिस ने DIOs बलिया समेत 47 लोगों को जेल भेजा, जिसमें तीन पत्रकार भी शामिल थे, जिन्होंने पेपर लीक की सबसे पहले खबर लिखी थी. दूसरा मामला अवैध खनन की शिकायत पर आया, जिसमें विकास सिंह नामक एक व्यापारी से तत्कालीन एडिशनल एसपी विजय त्रिपाठी की नजदीकी के चलते गोपनीय जांच हुई और बलिया के एडिशनल एसपी विजय त्रिपाठी को सस्पेंड कर दिया गया था.
सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी
तीसरे आईपीएस अधिकारी डीआईजी रैंक के सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी हैं. सर्वश्रेष्ठ को योगी सरकार ने एक साल पहले प्रयागराज का एसएसपी बनाया था, लेकिन कुछ समय बाद ही उनको हटा दिया गया था. डीआईजी रैंक के अफसर सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी वर्तमान में विजिलेंस में तैनात है. लंबे समय से विजीलेंस में तैनाती के चलते सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी अपने मूल कैडर आंध्रप्रदेश वापसी की तैयारी में हैं.
