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Thursday, April 23, 2026
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उत्‍तराखंड के पानी पर चीन का होगा कब्‍जा! नेपाल सीमा पर ‘जलयुद्ध’ के तैयारी का खुलासा, बना रहा बांध

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बीजिंग

चीन ने भारत के साथ भविष्‍य में जलयुद्ध की तैयारी को तेज कर दिया है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा के बाद अब ड्रैगन ने नेपाल-भारत और चीन के ट्राइजंक्‍शन पर एक विशाल बांध के काम को तेज कर दिया है। ताजा सैटलाइट तस्‍वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने साल 2021 में माबजा जांगबो नदी पर एक विशाल बांध बना रहा है जो ट्राइजंक्‍शन से मात्र कुछ ही किमी की दूरी पर है। विश्‍लेषकों का कहना है कि उत्‍तराखंड के पास बन रहे चीन के इस बांध से भविष्‍य में ड्रैगन इस इलाके में पानी पर पूरा नियंत्रण स्‍थापित कर सकता है।

चर्चित ओपन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa_ ने अपनी ताजा सैटलाइट तस्‍वीरों के आधार खुलासा किया है कि चीन का यह बांध उत्‍तराखंड के कालापानी इलाके के काफी पास में स्थित है। चीन इस डैम को अपनी बुरांग काउंटी में बना रहा है। यही नहीं इसी बांध के पास ही चीन एक हवाई अड्डा भी बना रहा है जो चीनी वायुसेना के लिए काफी कारगर साबित हो सकता है। तस्‍वीरों से पता चलता है कि अभी चीन के इस बांध का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है लेकिन उस पर लगातार काम जारी है।

कालापानी का इलाका रणनीतिक रूप से महत्‍वपूर्ण
सैटलाइट तस्‍वीरों के जानकार @detresfa_ ने कहा कि इस परियोजना से चीन भविष्‍य में टेंशन बढ़ा सकता है। चीन इस इलाके में पानी पर अपना कब्‍जा कर सकता है। चीन जिस इलाके में अपना बांध बना रहा है, वह पूरा कालापानी का इलाका रणनीतिक रूप से बहुत ही महत्‍वपूर्ण है। भारत-नेपाल और चीन का यह ट्राइजंक्‍शन भविष्‍य में किसी भी जंग में बहुत अहम भूमिका निभा सकता है। यही नहीं कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा को लेकर भारत और नेपाल के बीच सीमा विवाद है।

चीन अपने इशारे पर नाचने वाले केपी ओली के जरिए कालापानी सीमा विवाद को अक्‍सर भड़काता रहता है। पिछले दिनों भारत और नेपाल के व्‍यापारियों के बीच जमकर पत्‍थरबाजी हुई थी। नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड ने भी कहा है कि वह सबसे पहले भारत जाएंगे और वहां सीमा विवाद पर बातचीत करेंगे। नेपाल के पास बांध बनाने का यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है जब पूर्वोत्‍तर में चीन अरुणाचल प्रदेश के पास विशाल बांध को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यह बांध 60 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने की क्षमता का बांध होगा।

अरुणाचल के पास महाकाय बांध बना रहा चीन
शी जिनपिंग सरकार इस बांध को यारलुंग त्‍साग्‍पो नदी पर बना रहा है जो ब्रह्मपुत्र की एक सहायक नदी है। चीन का यह बांध मेडोग सीमा पर बनाया जा रहा है जो अरुणाचल से बहुत करीब है। भारत इस महाकाय बांध को लेकर बहुत ही चिंतित है और पूर्वोत्‍तर में अपने बांध के निर्माण कार्य को तेज कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक चीन इस बांध के जरिए ब्रह्मपुत्र नदी के पानी की धारा को बदल सकता है। ब्रह्मपुत्र नदी न केवल पूर्वोत्‍तर बल्कि बांग्‍लादेश के लिए भी लाइफलाइन है। इससे या तो अरुणाचल और असम में पानी की कमी हो जाएगी या इतना पानी आ जाएगा कि कई इलाके बाढ़ में डूब जाएंगे।

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